Bhojshala : ७०० वर्षों के उपरांत शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं, अपितु हिन्दुओं ने की अखंड पूजा ।
उच्च न्यायालय के निर्णय में भोजशाला परिसर स्थित मस्जिद में नमाज की अनुमति निरस्त कर दी गई थी । इसलिए मुसलमान वहां नमाज अदा नहीं कर सके ।
उच्च न्यायालय के निर्णय में भोजशाला परिसर स्थित मस्जिद में नमाज की अनुमति निरस्त कर दी गई थी । इसलिए मुसलमान वहां नमाज अदा नहीं कर सके ।
यहां की भोजशाला ‘कमाल मौला मस्जिद’ नहीं, अपितु हिन्दुओं का श्री वाग्देवी मंदिर है, ऐसा निर्णय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए जाने के अगले ही दिन बडी संख्या में हिन्दू दर्शन के लिए यहां पहुंचने लगे ।
देश के पांच राज्यों असम, बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम ४ मई को घोषित किए गए । इसमें असम और पुडुचेरी में बीजेपी ने सत्ता बरकरार रखी, जबकि बंगाल में पिछले १५ वर्षों से सत्ता में रहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को हराकर बीजेपी ने पहली बार सत्ता प्राप्त की ।
देशभर के हिन्दुओं के संगठित विरोध का परिणाम l
नए दिशानिर्देशों में कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीक धारण करने की अनुमति !
यहां के विश्वप्रसिद्ध श्री मुरुडेश्वर मंदिर के प्रशासन ने २२ जून से मंदिर में वस्त्र संहिता लागू कर दी है । हिन्दू जनजागृति समिति, कर्नाटक मंदिर महासंघ एवं अन्य अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने दिसंबर २०२२ में मंदिर प्रशासन को एक विनती प्रस्तुत की थी ।
‘गाज़ा-फिलिस्तीन समर्थन’ मोर्चे माध्यम से आतंकवाद का समर्थन करने का प्रयास किया जा रहा था, मोर्चे का विरोध करने बाद मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से मना कर दिया । ऐसे प्रत्येक प्रयास को विफल किया जाना चाहिए, ऐसा मत श्री. सुनील घनवट ने व्यक्त किया ।
सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजी विश्व शांति तथा सामंजस्य के माध्यम से संसार को एक साथ लाने के लिए पूरे विश्व में कार्य करनेवाले ‘इंटरनेशनल सद्गुरु फाउंडेशन’ के प्रमुख संस्थापक हैं । वर्तमान में वे सहस्त्रों वर्षों की अमर गुरु-शिष्य परंपरा के ‘श्री दत्त पद्मनाभ पीठ, गोवा’ (भारत) संस्था के पीठाधीश हैं ।
हिंदुओं ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकलकर मतदान किया। परिणामस्वरूप, राज्य में फिर से हिंदुत्ववादी सरकार सत्ता में आ रही है। यह ‘वोट जिहाद’ की हार और हिंदुओं की संगठित शक्ति की जीत है।
‘नेटफ्लिक्स’ की वेब सीरीज ‘आईसी ८१४ : द कंधार हाईजैक’ में जिहादी आतंकवादियों के सही नाम छुपाकर उन्हें हिन्दू नाम देने पर केंद्र सरकार ने ‘नेटफ्लिक्स’ को समन्स भेज कर बुलाया था ।
हिन्दू जनजागृति समिति के साथ अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के विरोध करने पर धर्मादाय आयुक्त ने कुरान पठन बंद करने का आदेश दिया था ।