‘वन्दे मातरम्’ को १०० वर्ष हुए, तब देश ने आपातकाल का काला अध्याय अनुभव किया ! – PM Modi
‘वन्दे मातरम्’ के १५० वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा के समय प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर की तीखी टिप्पणी l
‘वन्दे मातरम्’ के १५० वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा के समय प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर की तीखी टिप्पणी l
मूलतः, सरकार को यह किसी के द्वारा बताया जाना नहीं चाहिए, अपितु सरकार से यह अपेक्षित है कि वह स्वयं हिन्दुओं के देवताओं की रक्षा के लिए कानून बनाए !
विगत अनेक वर्षाें से संसद में तथा राज्यों की विधानसभाओं में हंगामा किया जाता है तथा उसके कारण देश की अरबों रुपए की हानि होती है, तब भी उसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जाता । ऐसा होना विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश के लिए लज्जाप्रद !
कहते हैं कि जब तक दोष सिद्ध न हो जाए, तब तक प्रत्येक व्यक्ति निर्दोष होता है । इसलिए, लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार, अपराधी घोषित हुए लोगों को भी ऐसे पदों पर नियुक्त किया जा सकता है । अब इस नियम को बदलना आवश्यक है !
२४ जुलाई एवं १ अगस्त को लोकसभा का कार्य केवल १२ मिनट चला,२३ जुलाई को कार्य १८ मिनट चला । ४ अगस्त को लोकसभा का कार्य २४ मिनट में स्थगित करना पड़ा ।
इस प्रकार के निराधार आरोप लगानेवालों को कारावास का दंड मिलना चाहिए ! यदि राहुल गांधी के स्थान पर कोई सामान्य नागरिक होता, तो सरकार ने उस पर कब की कार्रवाई कर दी होती !
जब उनके अपने दल पतन के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं, तब गांधी का ऐसा वक्तव्य देना “विनाशकारी विकृत मानसिकता” का संकेत है ! इससे यह बोध होता है, कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ कोई राजनीतिक कार्य नहीं, अपितु देशभक्ति का कार्य है !
संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवादी’ एवं ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने को लेकर चर्चा की जा रही है; परन्तु केन्द्र सरकार की वर्तमान में ऐसी कोई योजना अथवा उद्देश्य नहीं है, ऐसा केंद्रीय विधिमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया ।
राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में ‘बीसीसीआई’ पर ‘राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, २०११’ अनिवार्य करना आवश्यक है l- सुराज्य अभियान
देश के संदर्भ में संवेदनशील एवं सुरक्षा से जुडे विषय पर संसद में कोलाहल करनेवाले जनप्रतिनिधियों की सदस्यता निरस्त क्यों नहीं की जाती ?