विगत ५ वर्षों में राज्यसभा के कार्यकाल का ५७ प्रतिशत समय व्यर्थ ! – सभापति व्यंकैय्या नायडू ने व्यक्त किया खेद !

संसद के प्रत्येक अधिवेशन में समय व्यर्थ जाने की अवधि बडी होती है; परंतु इसके लिए उत्तरदायी व्यक्तियों से दंड वसूल नहीं किया जाता अथवा कठोर कार्रवाई भी नहीं की जाती । इस कारण इस स्थिति में कभी सुधार नहीं होता ।

राज्यसभा में विरोधी सदस्यों के हंगामे के कारण सभापति व्यंकय्या नायडू की आंखों में आंसू !

ऐसी घटनाएं रोकने हेतु सभापति नायडू को भावुक होने की अपेक्षा कठोर बनकर हंगामा करनेवाले सदस्यों को निलंबित कर उनसे सदन के व्यर्थ हो चुके समय का खर्चा वसूलना चाहिए !

राज्यसभा में हंगामा करने वाले तृणमूल कांग्रेस के ६ सांसद निलंबित

राज्यसभा अध्यक्ष के सामने के खुले स्थान में हुए हंगामे के प्रकरण में तृणमूल कांग्रेस के छह सांसदों को निलंबित कर दिया गया है ।

दंगों के कारण ७ दिनों में लोकसभा के ३८ घंटे और राज्यसभा के ३३ घंटे ८ मिनट बर्बाद हो गए !

लोकसभा में केवल ४ घंटे, तो राज्यसभा में ८ घंटे २ मिनट कामकाज हुआ !
दोनों सदनों पर कुल ५३ करोड ८५ लाख रुपयों की क्षति !