Court Slams Rahul Gandhi : चीन ने २ सहस्र (हजार) वर्ग किमी भूमि पर नियंत्रण कर लिया, यह आपको कैसे पता चला ?

  • उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी को फटकारा !

  • ‘यदि आप सच्चे भारतीय होते, तो ऐसा नहीं कहते’, इन शब्दों में फटकारा !

  • राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर नहीं, अपितु संसद में बोलने के लिए कहा गया !

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी

नई दिल्ली – उच्चतम न्यायालय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को फटकारते हुए कहा कि ‘चीन ने २  सहस्र वर्ग किमी भारतीय भूमि पर नियंत्रण कर लिया, यह आपको कैसे पता चला ? विश्वसनीय जानकारी क्या है ? यदि आप सच्चे भारतीय होते, तो आप ऐसा नहीं कहते ।’ राहुल गांधी ने वर्ष २०२२ में लद्दाख दौरे के समय एक सभा में बोलते हुए दावा किया था कि चीन ने भारत की २ सहस्र किमी भूमि पर नियंत्रण कर लिया है । इस दावे के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में एक याचिका प्रविष्ट की गई है । राहुल गांधी के समन के विरुद्ध याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया गया है । न्यायालय ने राहुल गांधी के विरुद्ध निचले न्यायालय में चल रही कार्रवाई पर भी रोक लगा दी ।

सोशल मीडिया पर नहीं, संसद में बोलें !

न्यायालय ने कहा कि, ‘जब सीमा पार संघर्ष चल रहा हो, तो क्या आप यह सब बोल सकते हैं ? आप संसद में प्रश्न क्यों नहीं पूछते ? आप (राहुल गांधी) विपक्ष के नेता हैं, संसद में बोलें, सोशल मीडिया पर नहीं । आप जो चाहें बोलें । संविधान के अनुच्छेद १९ के अंतर्गत आपको वे अधिकार हैं; परंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि एक दायित्व वाले (जिम्मेदार) लोकसभा विपक्ष के नेता के रूप में आप यह सब करेंगे ।’

चीन ने भारत की एक इंच भी भूमि पर नियंत्रण नहीं किया है ! – तत्कालीन उपराज्यपाल बी.डी. मिश्रा

तत्कालीन उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी.डी. मिश्रा

राहुल गांधी के आरोपों पर लद्दाख के तत्कालीन उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी.डी. मिश्रा ने कहा था कि, चीन ने भारत की एक इंच भी भूमि पर नियंत्रण नहीं किया है । वर्ष १९६२ (भारत-चीन युद्ध) में जो कुछ हुआ, उसके बारे में बात करने का कोई लाभ नहीं है । आज सीमा पर अंतिम भूमि भी हमारे नियंत्रण में है । यदि स्थिति अधिक बिगड़ती, सेना उचित प्रत्युत्तर देने के लिए तैयार है ।

संपादकीय भूमिका 

इस प्रकार के निराधार आरोप लगानेवालों को कारावास का दंड मिलना चाहिए ! यदि राहुल गांधी के स्थान पर कोई सामान्य नागरिक होता, तो सरकार ने उसपर कब की कार्रवाई कर दी होती !