Parliament Monsoon Session : संसद के वर्षाकालीन सत्र के पहले ही दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कोलाहल


नई दिल्ली – संसद के वर्षाकालीन सत्र के पहले ही दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कोलाहल हुआ । पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्ष ने लोकसभा एवं राज्यसभा में नारेबाजी की । इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने कहा कि प्रश्नकाल के पश्चात हम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा करेंगे । सरकार प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देगी । यह व्यवहार सही नहीं है । पहले ही दिन यह व्यवहार उचित नहीं है ।

सरकार उत्तर दे ! – कांग्रेस

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि पहलगाम आक्रमण के आतंकवादी अभी तक पकडे नहीं गए हैं । उन्हें मारा भी नहीं गया है । जम्मू-कश्मीर में गुप्तचर व्यवस्था की असफलता होने की बात राज्य के उपराज्यपाल ने कही है । ट्रंप ने २४ बार कहा है कि हमने भारत-पाक के बीच युद्ध रोका । उन्होंने मांग की है कि सरकार इन सभी का उत्तर दे ।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सभी सूत्र देश के सामने रखे जाएंगे ! – केंद्र सरकार

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि हम चाहते हैं कि देश में यह संदेश न जाए कि सरकार पहलगाम तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा नहीं करना चाहती । हम चर्चा करेंगे एवं वह सभी पहलुओं से करेंगे । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सभी सूत्र देश के सामने रखे जाएंगे ।

कर्णावती विमान दुर्घटना की निष्पक्षता से तथा नियमानुसार जांच ! – केंद्र सरकार

कर्णावती विमान दुर्घटना के संबंध में नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में बताया कि वर्तमान में दुर्घटना का पूरा सत्य जांच की अंतिम रिपोर्ट के उपरांत ही सामने आएगा । एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार कार्य कर रहा है । कुछ भारतीय तथा विदेशी मीडिया इस दुर्घटना के विषय में अपनी कहानियां एवं विचार प्रसारित कर रहे हैं; परंतु सरकार केवल सत्य पर टिके रहना चाहती है । चाहे यह प्रकरण पायलट से, एयर इंडिया से अथवा बोइंग कंपनी से संबंधित हो, सरकार किसी का भी पक्ष नहीं ले रही है । जांच पूरी होने के उपरांत ही सत्य सामने आएगा ।

३२ दिन चलेगा वर्षाकालीन सत्र ।

संसद का वर्षाकालीन सत्र २१ जुलाई से २१ अगस्त तक ३२ दिन चलेगा । इसमें कुल १८ बैठकें होंगी एवं १५ से अधिक विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे । स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के कारण १३ तथा १४ अगस्त को संसद का कार्य नहीं होगा ।

संपादकीय भूमिका 

देश के संदर्भ में संवेदनशील एवं सुरक्षा से जुडे विषय पर संसद में कोलाहल करनेवाले जनप्रतिनिधियों की सदस्यता निरस्त क्यों नहीं की जाती ?