Constitution Preamble : संविधान से ‘समाजवादी’ एवं ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने पर अभी विचार नहीं ! – केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल

संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवादी’ एवं ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने को लेकर चर्चा की जा रही है; परन्तु केन्द्र सरकार की वर्तमान में ऐसी कोई योजना अथवा उद्देश्य नहीं है, ऐसा केंद्रीय विधिमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया ।

AIMIM की पंजीकरण निरस्त करने की याचिका सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अस्विकार

न्यायालय ने कहा कि एआईएमआईएम की घटनानुसार अल्पसंख्यकों समेत समाज के प्रत्येक पिछडे वर्ग के लिए कार्य करना, यह उसका उद्देश्य है । घटना में भी इसका उल्लेख है ।

Panun Kashmir : ‘पनून कश्मीर’ नामक एक केन्द्रशासित प्रदेश १९ जनवरी २०२६ तक निर्मित किया जाए !

यदि काश्मीरी हिन्दुओं का पुनर्वसन सम्पन्न हुआ, तो ही बंगाल, केरल जैसे राज्यों में हिन्दुओं का अस्तित्व सुरक्षित रह सकेगा, ऐसा संदेश इससे दिया जा सकता है । अन्यथा, कश्मीर की भांति, आनेवाले कुछ दशकों में ये राज्य भी हिन्दुओं के, अर्थात भारत के हाथों से निकल जाएंगे — इस कटु सत्य को स्वीकार करें !

हिन्दू मंदिरों को उनका पूर्व वैभव दिलाने के लिए न्यायालयीन लडाई लडनेवाले सर्वोच्च न्यायालय के धर्माभिमानी अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन !

शरीर में प्राण रहने तक मैं धर्म के लिए संघर्ष करता रहूंगा । जिस प्रकार हमने श्रीराममंदिर के लिए अभियोग लडा, उसी प्रकार ज्ञानवापी के लिए एवं मथुरा के लिए अभियोग लड रहे हैं ।

केवल कानून नहीं, अपितु पूरी व्यवस्था को ही बदल देना चाहिए ! – अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन

हिन्दुओं पर किए गए आघातों से संबंधित अभियोग अभी भी न्यायालयों में लंबित हैं । इन अभियोगों पर निर्णय आने में कितना समय लगेगा, यह हम सभी को सुनिश्चित करना है ।

Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav : केवल कानून नहीं, अपितु पूरी व्यवस्था में ही परिवर्तन लाया जाना चाहिए ! – अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में संपन्न हुआ ‘सनातन राष्ट्र पथदर्शन’ सत्र 

Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav : हिन्दुत्व के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’ एवं ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया !

हिन्दुत्व एवं राष्ट्रहित के लिए कार्य कर अन्य हिन्दुओं के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करने वाले ४ व्यक्तियों को सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के करकमलों से ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’, तो १८ व्यक्तियों को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।