France Supports India : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सदस्यता मिले – फ्रांस
संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे पत्र में फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार लाने हेतु भारत को पुनः यह समर्थन दिया ।
संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे पत्र में फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार लाने हेतु भारत को पुनः यह समर्थन दिया ।
दोनों देशों के मध्य शांति समझौता होने की ट्रम्प द्वारा घोषणा ।
१९ जून को दोनों देश करेंगे समझौते पर हस्ताक्षर ।
ईरान का यद्यपि मौन, इजराइल को भी समझौता अमान्य ।
भारत में शिक्षित वर्ग की प्रजनन दर कई वर्षों से प्रतिस्थापन स्तर (Replacement Level) से नीचे बनी हुई है । देश की कुल प्रजनन दर घटकर अनुमानित १.९ रह गई है, जबकि जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए यह दर २.१ होनी आवश्यक मानी जाती है ।
आतंकवादियों ने ‘रॉकेट कैसे बनाएं तथा मिश्रण किस अनुपात में होना चाहिए ?’, ऐसे प्रश्न पूछकर सूचना ढूंढी थी ।
नेतान्याहू को ईरान पर पुनः आक्रमण करना है, तो ट्रम्प को इरान को बातचीत एवं समझौता करने के लिए अवसर देना है । १९ मई को इन दोनों नेताओं ने एक घंटे तक दूरभाष पर बातचीत की, जिसमें उनमें मतभेद हुए ।
भारत को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आईना दिखाने के साथ-साथ पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में लेने के लिए रणनीति बनाकर वैसी कार्यवाही भी करनी चाहिए । तभी ये खरी-खोटी केवल शब्दों तक सीमित न रहकर उसे ठोस कार्यवाही का समर्थन भी मिलेगा ।
राष्ट्रपति डोनान्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी कि, “यदि ईरान समझौता नहीं करता, तो हम और आक्रमण करेंगे ।” दूसरी ओर ट्रंप ने यह आरोप भी लगाया कि “ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर आक्रमण किया ।”
तेज हवाएं, उग्र समुद्र तथा क्षमता से अधिक यात्री होने के कारण अंडमान के समुद्र में यह नाव डूब गई, ऐसा संयुक्त राष्ट्र के वक्तव्य में कहा गया है ।
भारत, ईरान के पांच सबसे प्रिय मित्र देशों में से एक है तथा भारतीय जहाजों को हॉर्मुज़ मार्ग से सुरक्षित आवागमन की अनुमति दी गई है ।
कतर जैसे खाड़ी देश में ८ भारतीयों को हुई मृत्युदंड की शिक्षा निरस्त करवाकर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाना , अमेरिका के साथ चल रहे कर-युद्ध जैसे अनेकविध प्रसंगों में भारतीयों ने विदेश नीति की झलक अनुभव की ।