Surajya Abhiyan Mango Crisis : मुंबई में बैठकर सिंधुदुर्ग जनपद के आम की खेती करनेवाले की सहायता कैसे करेंगे ? — ऐसा प्रश्न सुराज्य अभियान ने उपस्थित किया ।

प्रत्येक वर्ष फलबैना, तुडतुडा जैसे अनेक रोगों के कारण आम की फसल की अत्यधिक हानि होती है । ऐसा होते हुए भी देवगढ तालुक के गिर्ये-रामेश्वर आंबा अनुसंधान केंद्र में आंबा उत्पादन के संबंध में उपयुक्त कोई भी कार्य नहीं हो रहा है ।

सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने ही पूर्व आदेश का पुनर्विचार कर जमानत निरस्त करना विधिक दृष्टि से योग्य नहीं है !

कॉम्रेड गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने ही पूर्व आदेश का पुनर्विचार कर जमानत निरस्त करना विधिक दृष्टि से अनुमत नहीं है, ऐसा महत्त्वपूर्ण निरीक्षण मुंबई उच्च न्यायालय के कोल्हापुर ‘सर्किट बेंच’ के न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे ने किया है ।

Govind Pansare Case : डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे, अमोल काळे तथा शरद कळसकर की जमानत स्‍वीकार !

कॉ. गोविंद पानसरे हत्‍या प्रकरण

करवीर पीठ के शंकराचार्य ने यज्ञ के कार्यक्रम के लिए २ करोड रूपये एकत्र किए, यह मैंने समाचारपत्र में प्रकाशित समाचार के आधार पर कहा ! – साक्षी शशिकांत पाटील

प्रतिपरीक्षा में पाटील ने अनेक प्रश्नों के उत्तर “मुझे पता नहीं” तथा “मुझे स्मरण नहीं” ऐसे दिए । कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण की सुनवाई जिला तथा सत्र न्यायाधीश एस्.एस्. तांबे के समक्ष चल रही है ।

Sanatan Sanstha : सनातन संस्था का निर्दोषत्व पुनः एक बार सिद्ध; ‘हिन्दू आतंकवाद’ का नैरेटिव उजागर ! – अभय वर्तक, प्रवक्ता, सनातन संस्था

याचिकाकर्ता पर सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग करनेवाली याचिका वापस लेने की नौबत आने का प्रकरण

नगरीय (अर्बन) नक्सलवाद की समस्या का वास्तविक जनक कांग्रेस है ! – माधव भंडारी, वरिष्ठ भा.ज.पा. नेता एवं प्रवक्ता

पुणे में ‘बढते नगरीय नक्सलवाद एवं जनसुरक्षा अधिनियम’ इस विषय पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में १,००० से अधिक देशभक्त सम्मिलित हुए

Azad Maidan Riots : १३ वर्ष उपरांत भी आजाद मैदान दंगे के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं !

आजाद मैदान दंगे के प्रकरण में अभी तक आरोप निश्‍चित नहीं हुए हैं । सभी आरोपी लापता हैं । अनेक आरोपियों को प्रमाणों के अभाव में छोडा गया है ।

दिल्ली : शासकीय निधि से हो रहा है इस्लामी आक्रांताओं की कब्रों का संरक्षण !

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने वित्तीय वर्ष २०१०–११ से २०२४–२५ की १५ वर्षों की अवधि में राजधानी दिल्ली की विविध ‘ऐतिहासिक’ इस्लामी वास्तुओं पर, जो हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों के प्रतीक हैं, करोड़ों रुपये व्यय किए हैं ।

Malegaon Blast Verdict : मालेगांव बम विस्फोट प्रकरण में निर्दोष आरोपियों के वकीलों की प्रतिक्रियाएं

न्यायालय ने अपने निर्णय में आतंकवादविरोधी दल के (ए.टी.एस्. के) अन्वेषण पर फटकार लगाई है । १७ वर्ष उपरांत यह न्याय मिला है । इस प्रक्रिया में इन आरोपियों के अमूल्य १७ वर्ष व्यर्थ हुए हैं ।

Waqf : वक्फ से किया जा रहा लाड-प्यार संविधानविरोधी; मंदिरों एवं वक्फ बोर्ड के लिए कानून समान होना चाहिए ! – अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, अध्यक्ष, हिन्दू विधिज्ञ परिषद

मुसलमानों के धार्मिक स्थलों के प्रति लाड-प्यार; परंतु मंदिरों के लिए उल्टा न्याय है । एक तो वक्फ बोर्ड की भांति सरकारी तंत्र के उपयोग की अनुमति हो, अन्यथा वक्फ बोर्ड को दिया जानेवाला यह विशेष लाभ बंद किया जाए ।