‘तमिल राष्ट्र’ की ६० वर्ष की मांग वर्तमान में इतिहास के रूप में बताना ‘देशद्रोह’ नहीं है । – Madras High Court

किसी पुस्तक में वर्ष १९६७ की स्वतंत्र तमिलनाडू की मांग का केवल ऐतिहासिक उल्लेख करना वर्तमान समय में ‘देशद्रोह’ नहीं मन जा सकता । किसी ऐतिहासिक घटना का वर्णन करना तथा वर्तमान में अलगाववाद को बल देना इन दोनों बातों में स्पष्ट अंतर है ।

Mobile Torch For Bus : मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में ९० कि.मी. तक बस चलाई गई ।

कर्नाटक राज्य सडक परिवहन निगम की एक बस के चालक द्वारा मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में बस चलाने की चौंकाने वाली घटना कलबुर्गी से चिंचोली मार्ग पर सामने आई है ।

छत्रपति शिवाजी महाराज का एकवचन में उल्लेख (बिना आदर दिए उल्लेख करना) सहन नहीं करेंगे ! – विधायक संजय गायकवाड, शिवसेना

साम्यवादी विचारधारा के दिवंगत नेता कॉ. गोविंद पानसरे द्वारा ३७ वर्ष पूर्व लिखित ‘शिवाजी कोण होता ? (शिवाजी कौन था ?)’, इस विवादास्पद शीर्षकवाली पुस्तक के कारण यहां के शिवसेना विधायक श्री. संजय गायकवाड ने प्रकाशक प्रशांत आंबी को तीव्र शब्दों में फटकारा ।

भारत को स्वतंत्रता मिली ही नहीं, अपितु हमारा विभाजन हुआ ! – विचारक संदीप बाळकृष्ण

प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ नेता चक्रवर्ती सुलिबेले द्वारा लिखित ‘गौरी लंकेश हत्या एवं हिन्दूविरोधीषड्यंत्र’, इस पुस्तक का लोकार्पण !

Maria Wirth : ‘हिन्दू धर्म पर मुसलमान, ईसाई एवं साम्यवादी आक्रमण क्यों करते हैं ?’ नामक पुस्तक प्रकाशित !

विश्वविख्यात जर्मन लेखिका मारिया विर्थ द्वारा लिखित ‘हिन्दू धर्म पर मुसलमान, ईसाई एवं साम्यवादी आक्रमण क्यों करते हैं ? (लेख संग्रह)’ नामक पुस्तक हाल ही में प्रकाशित हुई है ।

Turkey Prophet Muhammad : तुर्कीये के साप्ताहिक में पैगंबर मोहम्मद का व्यंग्यचित्र प्रकाशित होने से तनाव l

भारत में हिन्दू देवताओं का सरलता से अपमान हो रहा है, तब कोई भी कार्रवाई नहीं होती है !

PP Mohanji Bhagwat : रावण का वध उसके कल्याण के लिए किया गया तथा वह अहिंसा थी ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

रावण का विनाश हिंसा नहीं, अपितु अहिंसा है । अहिंसा हमारा धर्म है; किन्तु नृशंस धर्मांधों से न पिटना तथा गुंडों को सबक सिखाना भी हमारा धर्म है, ऐसा प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने कहा ।

Prayagraj Kumbh Parva 2025 : जगद्गुरु विद्याभास्कर जी स्वामी द्वारा सनातन के ‘ नामजप कौन सा करें ‘ इस हिंदी ग्रंथ का प्रकाशन !

सनातन के हिन्दी पुस्तक ‘ नामजप कौन-सा करें ’, साथ ही सनातन पंचांग २०२५ का प्रकाशन ‘ श्री त्रिदंडीदेव सेवाश्रम ट्रस्ट ’ के शिविर में जगद्गुरु विद्याभास्कर जी स्वामी के कर कमलों द्वारा किया गया । इस अवसर पर सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस उपस्थित थे ।

Amazing Ayodhya : ‘अद्भुत अयोध्या: प्रभु श्रीराम की दिव्य नगरी’ पुस्तक के माध्यम से अयोध्या के गहन महत्व पर प्रकाश डाला गया है !

गवान श्रीराम के अयोध्या के श्रीराम मंदिर में लौटने के पश्चात अर्थात लगभग ५०० वर्ष के उपरांत इस वर्ष यह पहली दिवाली है ।

दिनदर्शिका के द्वारा परिचितों को अपने व्यवसाय की जानकारी देते समय धर्मकार्य भी हो; इसके लिए स्वयं के विज्ञापन से युक्त ‘सनातन पंचांग’ छपवा लें !

अनेक उद्योगपति स्वयं के प्रतिष्ठान की (कंपनी की) प्रसिद्धि करने के लिए उनके विज्ञापन से युक्त दिनदर्शिका (कैलेंडर) प्रकाशित कर उन्हें ग्राहकों, कर्मचारियों, संबंधियों आदि को भेंट करते हैं ।