हम समीर गायकवाड जैसे और कितने लोगों की मृत्यु होने देंगे ?
कसाब जैसे कुख्यात आतंकवादी को अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है; परंतु कोल्हापुर के आधुनिकतावादियों ने स्व. समीर को अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने दिया, यह दुर्भाग्यजनक है ।’
कसाब जैसे कुख्यात आतंकवादी को अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है; परंतु कोल्हापुर के आधुनिकतावादियों ने स्व. समीर को अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने दिया, यह दुर्भाग्यजनक है ।’
मीडिया द्वारा की गई अपकीर्ति इतनी बडी थी कि उन्हें नौकरी एवं व्यवसाय में प्रत्येक स्थान पर प्रताडना झेलनी पडी । एक सामान्य किसान परिवार के इस निर्दोष साधक का जीवन जांच एजेंसियों के उत्पीडन एवं प्रगतिशील (पुरोगामी) तत्वों द्वारा की गई अपकीर्ति के कारण नष्ट हो गया ।
कॉम्रेड गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने ही पूर्व आदेश का पुनर्विचार कर जमानत निरस्त करना विधिक दृष्टि से अनुमत नहीं है, ऐसा महत्त्वपूर्ण निरीक्षण मुंबई उच्च न्यायालय के कोल्हापुर ‘सर्किट बेंच’ के न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे ने किया है ।
डॉ. तावडे कॉ. गोविंद पानसरे हत्या अभियोग के एक संदिग्ध हैं तथा उन्हें ९ वर्षाें तक कारागृह में रहना पडा ।
कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण
प्रतिपरीक्षा में पाटील ने अनेक प्रश्नों के उत्तर “मुझे पता नहीं” तथा “मुझे स्मरण नहीं” ऐसे दिए । कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण की सुनवाई जिला तथा सत्र न्यायाधीश एस्.एस्. तांबे के समक्ष चल रही है ।
मीरा बोरवणकर हिन्दुत्वनिष्ठों की भावनाएं कब समझेंगी ? – चेतन राजहंस
मुंबई उच्च न्यायालय ने आधुनिकतावादी तथा कम्युनिस्ट कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में संदिग्ध सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, भरत कुराने, अमित बड्डी और वासुदेव सूर्यवंशी को जमानत दी ।
हिन्दू विधिज्ञ परिषद के संस्थापक सदस्य पू. (अधिवक्ता) सुरेश कुलकर्णीजी के करकमलों से इस पुस्तक का लोकार्पण हुआ । इस अवसर पर व्यासपीठ पर इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमित थडानी, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर एवं अधिवक्ता पी. कृष्णमूर्ती उपस्थित थे ।