हम समीर गायकवाड जैसे और कितने लोगों की मृत्यु होने देंगे ?

कसाब जैसे कुख्यात आतंकवादी को अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है; परंतु कोल्हापुर के आधुनिकतावादियों ने स्व. समीर को अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने दिया, यह दुर्भाग्यजनक है ।’

पानसरे हत्याकांड में फंसाए गए निर्दोष Sameer Gaikwad का निधन !

मीडिया द्वारा की गई अपकीर्ति इतनी बडी थी कि उन्हें नौकरी एवं व्यवसाय में प्रत्येक स्थान पर प्रताडना झेलनी पडी । एक सामान्य किसान परिवार के इस निर्दोष साधक का जीवन जांच एजेंसियों के उत्पीडन एवं प्रगतिशील (पुरोगामी) तत्वों द्वारा की गई अपकीर्ति के कारण नष्ट हो गया ।

सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने ही पूर्व आदेश का पुनर्विचार कर जमानत निरस्त करना विधिक दृष्टि से योग्य नहीं है !

कॉम्रेड गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने ही पूर्व आदेश का पुनर्विचार कर जमानत निरस्त करना विधिक दृष्टि से अनुमत नहीं है, ऐसा महत्त्वपूर्ण निरीक्षण मुंबई उच्च न्यायालय के कोल्हापुर ‘सर्किट बेंच’ के न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे ने किया है ।

डॉ. तावडे को जमानत मिली, इससे मैं आनंदित ! – अधिवक्ता पुष्पा गनेडीवाला

डॉ. तावडे कॉ. गोविंद पानसरे हत्या अभियोग के एक संदिग्ध हैं तथा उन्हें ९ वर्षाें तक कारागृह में रहना पडा ।

Govind Pansare Case : डॉ. वीरेंद्रसिंह तावडे, अमोल काळे तथा शरद कळसकर की जमानत स्‍वीकार !

कॉ. गोविंद पानसरे हत्‍या प्रकरण

करवीर पीठ के शंकराचार्य ने यज्ञ के कार्यक्रम के लिए २ करोड रूपये एकत्र किए, यह मैंने समाचारपत्र में प्रकाशित समाचार के आधार पर कहा ! – साक्षी शशिकांत पाटील

प्रतिपरीक्षा में पाटील ने अनेक प्रश्नों के उत्तर “मुझे पता नहीं” तथा “मुझे स्मरण नहीं” ऐसे दिए । कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण की सुनवाई जिला तथा सत्र न्यायाधीश एस्.एस्. तांबे के समक्ष चल रही है ।

मालेगांव, मुंबई बमविस्फोट तथा डॉ. दाभोलकर प्रकरणों में मीरा बोरवणकर को राजनैतिक हस्तक्षेप घोषित करना चाहिए ! – चेतन राजहंस, राष्ट्रीय प्रवक्ता, सनातन संस्था

मीरा बोरवणकर हिन्दुत्वनिष्ठों की भावनाएं कब समझेंगी ? – चेतन राजहंस

Govind Pansare Murder Case : कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में ६ लोगों को जमानत मिली

मुंबई उच्च न्यायालय ने आधुनिकतावादी तथा कम्युनिस्ट कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में संदिग्ध सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, भरत कुराने, अमित बड्डी और वासुदेव सूर्यवंशी को जमानत दी ।

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में ‘हलाल सर्टिफिकेशन : वैश्विक अर्थव्यवस्थापर आक्रमण’ एवं ‘हिन्दू राष्ट्र : आक्षेप एवं खण्डन’ इन ‘ई बुक’ का लोकार्पण तथा डॉ. अमित थडानी द्वारा ‘द रेशनलिस्ट मर्डर्स’ पुस्तक का लोकार्पण !

हिन्दू विधिज्ञ परिषद के संस्थापक सदस्य पू. (अधिवक्ता) सुरेश कुलकर्णीजी के करकमलों से इस पुस्तक का लोकार्पण हुआ । इस अवसर पर व्यासपीठ पर इस पुस्तक के लेखक डॉ. अमित थडानी, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर एवं अधिवक्ता पी. कृष्णमूर्ती उपस्थित थे ।