सार्वजनिक भूमि पर नमाज पढने का अधिकार नहीं ! – Allahabad High Court

सार्वजनिक भूमि का उपयोग किसी भी एक धर्म द्वारा धार्मिक कृत्यों के लिए नहीं किया जा सकता, ऐसा कहते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर नमाज पढने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘भारत को हिन्दू राष्ट्र कहना संविधान विरोधी !’– सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन मून

‘हमें हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए कहते हैं; परन्तु हम कहते हैं कि, भारत यह हिन्दू राष्ट्र ही है, उसे घोषित करने की आवश्यकता ही नहीं है’, ऐसा मार्गदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवतजी ने कुछ दिनों पूर्व यहां के एक कार्यक्रम में किया था ।

Sabarimala Case : सुधार के नाम पर (हिन्दू) धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता ! — सर्वोच्च न्यायालय

केरल राज्य के शबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई शुरू है ।

हिन्दू राष्ट्र निश्चित रूप से बनेगा ! – Mahabharat Actors

यहां आयोजित बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचन कार्यक्रम के समय बी.आर. चोपड़ा के प्रसिद्ध ‘महाभारत’ धारावाहिक के कलाकार उपस्थित थे ।

यदि किसी श्रद्धालु को देवता की मूर्ति को स्पर्श करने से रोका जाता है, तो क्या ऐसी स्थिति में राज्यघटना सहारा देगी ? – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न

यदि किसी श्रद्धालु को देवता की मूर्ति को स्पर्श करने से रोका जाता है, तो क्या उस स्थिति में राज्यघटना उसके समर्थन में आगे आएगी, ऐसा प्रश्न सर्वोच्च न्यायालय ने शबरीमाला मंदिर में १० से ५० वर्ष आय वर्ग की महिलाओं के प्रवेश से संबंधित प्रकरण की सुनवाई के समय उठाया ।

Trump Jesus post : विरोध के बाद ट्रम्प ने यीशु मसीह के रूप वाला अपना चित्र हटाया ।

ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो के साथ राजनीतिक मतभेद होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक चित्र सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था । उसमें उन्होंने स्वयं को यीशु मसीह के रूप में दिखाया था ।

प्रपत्र में धर्म के रूप में ‘इस्लाम’ तथा मातृभाषा के रूप में हिन्दी न लिखकर ‘उर्दू’ लिखें ! – Maulana Khalid Rasheed Firangi Mahali

जनगणना प्रपत्र भरते समय धर्म के स्थान पर केवल ‘इस्लाम’ ही लिखना चाहिए । साथ ही मातृभाषा के स्तंभ में हिन्दी के स्थान पर ‘उर्दू’ लिखनी चाहिए, ऐसा आह्वान यहां के प्रसिद्ध मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने किया है ।

वारकरी संप्रदाय के विषय में शरद पवार द्वारा लिखित लेख अत्यंत त्रुटिपूर्ण ! – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

वारकरी संप्रदाय के विषय में शरद पवार द्वारा लिखित लेख अत्यंत त्रुटिपूर्ण है । मुझे दुःख है कि, शरद पवार ने इस प्रकार का लेख लिखा । शरद पवार की प्रवृत्ति धर्मनिरपेक्ष है ।

पाकिस्तान की ८० प्रतिशत जनसंख्या समलैंगिक है ।

पाकिस्तान की ८० प्रतिशत जनसंख्या समलैंगिक है , जबकि शेष २० प्रतिशत द्विलिंगी (पुरुष और स्त्री दोनों के प्रति आकर्षण रखने वाले) हैं ।

हिन्दुद्वेषी कांग्रेस नेता सचिन सावंत द्वारा ‘रामचरितमानस’ की चौपाइयों की अनुचित व्याख्या !

महायुति सरकार द्वारा विधानसभा में पारित ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम २०२६’ विधेयक पर कांग्रेस ने आपत्ति व्यक्त की है । कांग्रेस सचिव सचिन सावंत ने इस अधिनियम के नाम में ही अंतर्विरोध होने का तर्क देते हुए ‘यह विधेयक संविधान के विरुद्ध है’, ऐसा अज्ञानतापूर्ण वक्तव्य दिया है ।