‘The Bengal Files’ : फिल्म का ‘ट्रेलर’ देखे बिना ही उस पर सरकार प्रतिबंध कैसे लगा सकती है ? – अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती
तृणमूल काग्रेस के राज्य में अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य का किस तरह गला घोटा जा रहा है, यही इसमें दिखाई देता है !
तृणमूल काग्रेस के राज्य में अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य का किस तरह गला घोटा जा रहा है, यही इसमें दिखाई देता है !
माहुरकर के अनुसार, रामायण फिल्म के लिए ५ सहस्र करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है । यदि रणबीर कपूर का चेहरा प्रचार के लिए प्रयोग किया गया, तो इससे यौन अश्लीलता, अपराध और नैतिक पतन को बढावा मिलेगा ।
दूरदर्शन के वरिष्ठ सलाहकार संपादक अशोक श्रीवास्तव को ‘एक्स’ पर ‘उदयपुर फाइल्स : कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ इस चलचित्र के बारे में पोस्ट करने के लिए जान से मारने की धमकी मिली है ।
ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? इतिहास को विकृत रूप से प्रस्तुत करने वाले चलचित्र पर शासन स्वयं से कार्रवार्ई कब करेगा ?
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में झूठा इतिहास दिखानेवाले ऐसे चलचित्र को चलचित्र परिनिरीक्षण मंडल (सेंसर बोर्ड) से अनुमति कैसे प्राप्त होती है ? इस विषय में शासन को जांच करनी चाहिए ।
अभिनय का प्रशिक्षण देने वाली यह सरकारमान्य संस्था साम्यवादियों का अड्डा है । अतः ‘केरल स्टोरी’ को पुरस्कार मिलने पर वहां की साम्यवादी विचारधारा वाले छात्रों ने आपत्ति जताई, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं ।
लव जिहाद पर आधारित ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म में केरल में लव जिहाद से पीडित हिन्दुओं की स्थिति दर्शाई गई है । हिन्दुओं की यह दयनीय स्थिति विजयन को केरल का अपमान नहीं लगती क्या ?
‘पुष्पगन्धि’ फिल्म सिद्धांतों की दृष्टि से बनाई गई फिल्म है, ऐसा लग सकता है; परंतु मूलतः वह जैसे छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त है, वैसे ही वयस्कों को भी भानेवाला है ।
उच्चतम न्यायालय ने २१ जुलाई की देर रात ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की । न्यायालय ने फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध २४ जुलाई तक बनाए रखने का आदेश दिया ।
देवगन को पता था कि पाकिस्तान भारत के विरुद्ध आतंकवादी आक्रमण करता है, फिर भी उन्होंने इस प्रतियोगिता में पाकिस्तान को भारत के विरुद्ध खेलने के लिए कैसे तैयार किया ? यह प्रश्न उठता है ।