‘ख़ालिद का शिवाजी’ चलचित्र में इतिहास का विकृतिकरण ! – श्री शिव शंभु विचार मंच

महंत सुधीरदास ने पत्रकार परिषद में चलचित्र पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

महंत सुधीरदास

पुणे – ‘ख़ालिद का शिवाजी’ चलचित्र के ‘ट्रेलर’ (चलचित्र का संक्षिप्त विज्ञापन) में अनेक दृश्यों में इतिहास का विकृतिकरण (अवहेलना) किया गया है । चलचित्र में ऐतिहासिक दृष्टि से अनुचित एवं असत्य दावे किए गए हैं, ऐसा आरोप ‘श्री शिव शंभु विचार मंच’ ने पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में किया । नवी पेठ स्थित पत्रकार भवन में आयोजित इस पत्रकार परिषद में संगठन के राज्य संयोजक श्री सुधीर थोरात, ‘अखिल भारतीय पंच रामनंदी निर्वाणी अखाडा’ के महंत सुधीरदास, तथा लेखक श्री सौरभ कर्डे उपस्थित थे ।

इस अवसर पर श्री सुधीर थोरात ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में ३५ प्रतिशत मुसलमान थे । महाराज के ३५ अंगरक्षकों में से ११ मुसलमान थे । महाराज ने रायगढ पर मस्जिद का निर्माण किया, ऐसा असत्य इतिहास चलचित्र में दर्शाया गया है । इस विषय में कोई भी प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं । निर्माता एवं निर्देशक ने कोई प्रमाण प्रस्तुत किए बिना ही यह चलचित्र किसी भी माध्यम पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए । यह हिंदवी स्वराज्य के लिए सच्चा योगदान एवं बलिदान देने वाले सैनिकों का श्रेय किसी अन्य को देने का प्रयास है । यह चलचित्र नई पीढियों में इतिहास के विषय में भ्रांति उत्पन्न करेगा ।

महंत सुधीरदास महाराज ने कहा कि रायगढ का वैश्विक धरोहर सूची में नामांकन हुआ है । उस स्थान के विषय में भ्रम चलचित्र तथा सामाजिक माध्यमों से फैलाना यह एक पूर्वनियोजित षड्यंत्र है ।इसलीये इस प्रकरण की पूर्ण जांच करनी चाहीये । हं इस चलचित्र के विरोध में न्यायालय में याचिका प्रविष्ट करने वाले है तथा हमारी शासन से बिनती है की इस चलचित्र पर रोक लगाई जाये ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? इतिहास को विकृत रूप से प्रस्तुत करने वाले चलचित्र पर शासन स्वयं से कार्रवार्ई कब करेगा ?