मोरले (तालुका दोडामार्ग) में हाथी के आक्रमण में किसान की अवसर पर ही मौत ।
सरकार और प्रशासन को आखिर कितनी जान-माल की हानि के बाद होश आएगा?
सरकार और प्रशासन को आखिर कितनी जान-माल की हानि के बाद होश आएगा?
पुलिस की नियुक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती है कि कानून और व्यवस्था भंग न हो । ऐसी स्थिति में स्थिति बिगड़ने का कारण बताना पुलिस द्वारा अपनी जिम्मेदारी से बचने का एक तरीका है !
पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने १० लाख रुपये जमा न करने के कारण एक गर्भवती महिला तनीषा भिसे को भर्ती नहीं किया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह एक मात्र उदाहरण नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र में ऐसे कई धर्मार्थ अस्पतालों ने मरीजों को इलाज से इन्कार कर दिया है या अत्यधिक शुल्क वसूला है।
कोल्हापुर जिले के आळते (तालुका हातकणंगले) गांव की सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी बिद्रे-गोरे की हत्या प्रकरण में निलंबित वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अभय कुरुंदकर के विरुद्ध लगे आरोप सिद्ध हो गए हैं और उन्हें दोषी ठहराया गया है ।
यदि ऐसी कार्यवाही पूरे राज्य में की जाए तो गौ-वंश की हत्या रुक जाएगी !
ऐसे वासंनाध पाठशाला कर्मचारी का होना शिक्षा क्षेत्र के लिए अपमान है। ऐसे वासंनाधियोंको तुरंत जेल में डाल देना चाहिए !
ऐसी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक अपनी बेटियों के लिए भी उठा सकते हैं। इसलिए भक्तों को ऐसी योजना का कड़ा विरोध करना चाहिए और इस योजना को रोकने तथा मंदिर के सरकारीकरण के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए दृढ संकल्प होना चाहिए !
हिन्दू मंदिरों में लगातार हो रही चोरियां पुलिस की अक्षमता दर्शाती हैं! मंदिरों में लगातार हो रही चोरियों को रोकने में विफल रहने वाली पुलिस की अकर्मण्यता लज्जास्पद है !
जिस प्रकार व्यापारिक क्षेत्र में हलाल प्रमाणित उत्पाद व्यापक रूप से बेचे जाते हैं, उसी प्रकार सरकार को ‘ओम प्रमाणपत्र’ को मान्यता देकर हिन्दुओं की सुरक्षा का उत्तरदायित्व स्वीकार करना चाहिए।
सनातन संस्था के संस्थापक डॉ. सच्चिदानंद परब्रह्म जयंत आठवले , जिन्होंने विश्व कल्याण हेतु रामराज्य के साथ ‘सनातन राष्ट्र’ का लक्ष्य निर्धारित किया है, उनकी ८३ वीं जयंती इस वर्ष गोवा में भव्य स्वरूप में मनाई जाएगी।