तिरुवनंतपुरम् (केरल) – कोल्लम जिले में विद्यालय परिसर को सौंदर्य प्रसाधनों से मुक्त रखने का अभियान प्रारंभ किया गया है । इसका प्रारंभ जिला स्तर पर मय्यानाड उच्च माध्यमिक विद्यालय से हुआ, जिसे अब जिले का पहला ‘लिपस्टिक-फ्री कैंपस’ घोषित किया गया है । केरल की बाल कल्याण समिति द्वारा प्रारंभ किए गए इस अभियान का उद्देश्य छात्राओं को सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक घटकों से बचाना तथा लडकियों में इसके विषय में जागरूकता निर्माण करना है । इस अभियान का उद्देश्य लडकियों को त्वचा रोगों से बचाना है ।
पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाली सबसे घातक वस्तु ।
‘लिपस्टिक-फ्री कैंपस’ अभियान का उद्घाटन करते समय कवि कुरिपुझा श्रीकुमार ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य जन्म से ही सुंदर होता है, फिर हमें सौंदर्य प्रसाधनों (कॉस्मेटिक) की आवश्यकता ही क्या है ? बाहरी दिखावे की अपेक्षा आंतरिक सौंदर्य अधिक महत्वपूर्ण होता है । पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाली वस्तुओं में इत्र के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधन सबसे अधिक घातक हैं ।
रसायनयुक्त कॉस्मेटिक उत्पादों से कैंसर का भय ।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी के अनुसार बाजार में मिलने वाले सस्ते कॉस्मेटिक उत्पादों में विषैले भारी धातु होते हैं, जो बच्चों में आंतों के कैंसर का कारण बन सकते हैं । ये विषैले रसायन छात्राओं द्वारा उपयोग की जाने वाली सामान्य लिपस्टिक में पाए जाते हैं, जबकि मेकअप किट में पारा और कैडमियम जैसे अस्वस्थ्यकर तत्व पाए गए हैं ।

१५ दिन में एस्.टी. की आय में ४३ करोड ८३ लाख रुपए की वृद्धि ।
मोरगांव (जि. पुणे) के श्री मयुरेश्वर मंदिर में २ प्राचीन ऐतिहासिक ताम्रपट मिले ।
मध्य प्रदेश के मौलाना को बंदी बनाया !
यदि बहुसंख्यक हिन्दू मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण का विरोध किया जा रहा है तो प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए ! – Madras High Court
गोमांस सेवन का प्रचार करनेवाली संस्था एवं उत्तरदायी व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए !
मुंबई विमानतल परिसर में शिया समाज के सदस्यों द्वारा मातम