९ ९ वर्ष उपरांत मिला न्याय

पनवेल – कोल्हापुर जिले के आळते (तालुका हातकणंगले) गांव की सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी बिद्रे-गोरे की हत्या प्रकरण में निलंबित वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अभय कुरुंदकर के विरुद्ध लगे आरोप सिद्ध हो गए हैं एवं उन्हें दोषी ठहराया गया है । उनके साथ-साथ उनके सहयोगी कुंदन भंडारी और महेश पाटिल को भी दोषी सिद्ध कर दिया गया है । इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी राजेश पाटिल को प्रमाण के अभाव में न्यायालय ने निर्दोष मुक्त कर दिया है । पनवेल स्थित सत्र न्यायालय ने यह न्याय ५ अप्रैल को सुनाया । ११ अप्रैल को इन सभी का दंड सुनाया जाएगा ।
अश्विनी बिद्रे-गोरे की ११ अप्रैल २०१६ को हत्या कर दी गई थी और उनके शव के टुकड़े कर उन्हें वसई की खाड़ी में फेंक दिया गया था । इस मामले में ७ दिसंबर २०१८ को ठाणे जिले में कार्यरत तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अभय कुरुंदकर को गिरफ्तार किया गया था । ९ वर्ष उपरातं इस प्रकरण को न्याय मिल पाया है ।
संपादकीय भूमिकादेर से मिलने वाला न्याय भी अन्याय ही है, ऐसा लगे तो इसमें कोई त्रुटि नहीं । |
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