वर्ष २०१५ की घटना का वर्ष २०२२ में निर्णय !

मुंबई – वर्ष २०१५ में ८ वीं कक्षा में पढने वाली नाबालिग लडकी को ‘आई लव यू’ कहने वाले ३० वर्षीय युवक को न्यायालय ने १ वर्ष सश्रम कारावास और १० सहस्र रुपए का दंड सुनाया है । वह लगभग १५ दिनों तक इस लडकी का पीछाकर उसे कष्ट देता रहा था । वह इस लडकी के घर के समीप का ही रहने वाला है । घटना के उपरांत वह भाग गया था । लडकी की मां द्वारा पुलिस में परिवाद प्रविष्ट करने के उपरांत उसे पकडा गया था । आरोपी ने दावा किया था कि पीडिता के पिता नशे में बवाल करते हैं और उनके कहने पर मुझे फंसाया गया । इसके उपरांत यह प्रकरण न्यायालय में गया था । न्यायालय ने उसे प्रतिभूति(जमानत) दे दी थी । लडकी की मां द्वारा दिए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दंड दिया ।
संपादकीय भूमिकाविलंब से मिलने वाला न्याय अन्याय ही है; जनता को ऐसा ही लगेगा ! |
थूकने वालों से अब ढाई सहस्र रुपये दंड वसूल करें ! – मुंबई उच्च न्यायालय
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !