उत्तर प्रदेश में हिन्दू व्यक्ति का धर्मांतरण करनेवाले ३ मुसलमानों को बंदी बनाया !
कठोर दंड देनेवाला धर्मांतरण विरोधी कानून लागू न होने से ऐसी घटनाएं होती हैं, यह ध्यान रखें !
कठोर दंड देनेवाला धर्मांतरण विरोधी कानून लागू न होने से ऐसी घटनाएं होती हैं, यह ध्यान रखें !
त्योहार मनाना अलग और बच्चों से नमाजपठन करवाना अलग बात है । मुसलमान विद्यार्थियों द्वारा गीतापठन करवाया होता, तो क्या हुआ होता’, इसका विचार विद्यालय के व्यवस्थापन मंडल काे करना चाहिए !
स्वयं के व्यवसाय का प्रयोग हिन्दुओं के धर्मांतरण के लिए करने वाले धर्मांध डॉक्टर । ऐसे डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर उन्हें आजीवन कारावास में डालना आवश्यक !
हिन्दुओं के अन्य पंथ में धर्मांतरण होने के कागदपत्र मिलते हैं; परंतु हिन्दू धर्म में ‘घरवापसी’ करने के कागदपत्र अधिकतर नहीं मिलते; इसलिए कागदपत्रीय जानकारी इकट्ठा करने का महत्त्व होता है ।
मठों-मंदिरों में अनेक साधु-संत हैं; परंतु वहां आनेवाले हिन्दुओं को धर्म की शिक्षा नहीं दी जाती । उसके कारण धर्मांतरण की समस्या और अधिक फैल गई है । हिन्दू धर्म बच गया, तभी जाकर मठ-मंदिर टिके रहेंगे; इसलिए पहले हिन्दू धर्म को बचाने का प्रयास कीजिए ।
गोवा की एक हिन्दू लडकी पुणे में नौकरी करती थी, उस समय एक धर्मांध युवक ने स्वयं को हिन्दू बताकर उसके साथ परिचय बढाया तथा उसके उपरांत उसके साथ विवाह किया । उसके उपरांत वह मुसलमान बनने के लिए उस पर दबाव डालने लगा ।
नक्सलवादियों द्वारा वनवासी बच्चों के हाथों में बलपूर्वक बंदूकें पकडाई जाती हैं । नक्सलवादी संगठनों में सम्मिलित होने से नकार देनेवालों की क्रूरता से हत्या कर दी जाती है ।
घर के पुरुष जब काम पर जाते हैं, तब यह महिलाएं दोपहर के समय चर्च में जाती हैं । वहां जाने के उपरांत ‘आपके भगवान अच्छे नहीं हैं’, ऐसा बताया जाता है । उनके बताए अनुसार हिन्दू महिला देवपूजा करना तथा तुलसीपूजा करना रोक देती हैं ।
‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’ के दूसरे दिन (१७.६.२०२३ को) के द्वितीय सत्र में ‘मंदिरों का सुप्रबंधन’ विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया, उसे संबोधित करते हुए सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ऐसा बोल रहे थे ।
इस विषय में राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुंब्रा के विधायक जितेंद्र आव्हाड का क्या कहना है ?