‘स्त्रियों को भगवे अंतर्वस्त्र परिधान कर विरोध दर्शाना चाहिए !’
हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का इस प्रकार उपहास उडानेवाले कांग्रेसवालों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट कर उन्हें ही कारावास में डालना चाहिए !
हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का इस प्रकार उपहास उडानेवाले कांग्रेसवालों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट कर उन्हें ही कारावास में डालना चाहिए !
हमें जिन बातों की जानकारी होती है, उसे परिपूर्ण मानकर हम उनके आधार पर कुछ निष्कर्ष निकालते रहते हैं अथवा उस विषय में स्वयं का मत बना लेते हैं, तथापि उन्हीं बातों में ऐसे अनेक पक्ष होते हैं, जिनके विषय में हमें कुछ भी ज्ञात नहीं होता । कुछ दिन पूर्व ही गोवा में आयोजित … Read more
कांवड यात्रा के कारण यातायात बाधित न होते हुए भी जानबूझकर ऐसे विधान कर हिन्दुओं को दोषी ठहराने का प्रयास शौकत अली कर रहे हैं । कांवड यात्रा वर्ष में एक बार ही होती है, जबकि नमाज प्रतिदिन ५ बार होती है, इस विषय में वे नहीं बोलते, यह समझें !
असम में भाजपा की सरकार है । सरकार को स्वयं ही अजमल के विरोध में हिन्दुओं की भावनाएं दुखी किए जाने पर अपराध प्रविष्ट कर उन्हें कारागृह में डालना चाहिए और कठोर दंड होने तक प्रयास करना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !
दो दिन देशभर से, साथ ही इस्रायल में भारत के राजदूत की ओर से विरोध होने के उपरांत क्षमा मांगने वाले नदाव पर कार्यवाही होना आवश्यक है ! यदि कोई इस प्रकार के विधान करने के उपरांत क्षमा मांगे, तो ऐसी प्रथा ही चालू हो जाएगी । इस कारण ऐसों को दंड मिलना चाहिए !
‘जो हीन गुणों का नाश करता है वो हिन्दू’, ऐसा भारतीय धर्मग्रंथों में ‘हिन्दू’ शब्द का अर्थ बताया गया है । इसका अध्ययन सतीश जारकीहोली ने सम्भवतः किया ही नहीं, यही उनके विधान से प्रकट होता है !
भारत में आतंकवाद, दंगे, लव जिहाद आदि हिंसक घटनाओं द्वारा हिन्दुओं का नरसंहार कौन कर रहा है, यह जगजाहिर है ! ऐसे संगठन जानबूझकर इस को दुर्लक्ष करते हैं और ‘झूठ बोलो; पर ठोककर बोलो’ इसका अनुसरण करते हुए हिन्दू विरोधी प्रचार कर हिन्दुओं की अपकीर्ति करते हैं ।
यदि हिंदुओं को ´जिहाद´ सिखाया गया होता, तो जिस तरह कट्टर मुसलमान पैगंबर मुहम्मद के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक वक्तव्य देने पर हिंदुओं का शिरोच्छेद कर रहे हैं, वैसे ही हिंदुओं ने प्राणघातक आक्रमण कर उन्हें यमलोक में भेज दिया होता, जो हिंदू देवताओं का उपहास करते हैं !
मदरसों तथा चर्च में महिलाओं का शोषण होता है, देश तथा विदेश में इसके असंख्य उदाहरण दिखाई देते हैं एवं दे रहे हैं, ऐसी स्थिति में इस संदर्भ में कोई भी निरपेक्षतावादी नेता कभी मुंह नहीं खोलता, यह ध्यान में लें !
अमेरिका सदैव भारत में कथित रूप से अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होने का आरोप लगाती है; परंतु उसके ही देश में अनेक शतकों से वर्णद्वेषी घटनाएं होती आई हैं, उनकी ओर अनदेखा करती है !