४ विदेशी नागरिक पुलिस के नियंत्रण में !

सीतापुर (उत्तर प्रदेश) – यहां दो भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में ईसाईयों द्वारा हिन्दुओं के धर्मपरिवर्तन का प्रयास करने की घटनाएं सामने आई हैं । इसके लिए एक स्थान पर ब्राजिल से ४ लोगों को आमंत्रित किया गया था । इस प्रकरण में पुलिस ने इन ४ विदेशी नागरिकों के साथ १० लोगों को नियंत्रण में लिया है ।
अस्थाना का बनाया 3 साल पुराना चर्च, ब्राजील से आए 4 'ईसाई दूत': कहीं धर्मांतरण का यह खेल आपके गाँव में भी तो नहीं चल रहा, UP के सीतापुर में 1 ही दिन में मिले 2 केस#UttarPradesh https://t.co/Ad9OnTm6LA
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) December 20, 2022
१. सकरन क्षेत्र में बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख आशुतोष वर्मा द्वारा पुलिस में किए परिवाद के अनुसार सैदापुर गांव में श्रवण कुमार गौतम के घर हिन्दुओं के धर्मपरिवर्तन की जानकारी मिली थी । यहां बडी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे, वे हिन्दू धर्म के विरुद्ध बोल रहे थे । हमारे कार्यकर्ता वहां पहुंचे, तो उन्हें समझ में आया कि यहां कुछ लोगों का धर्मपरिवर्तन किया जा रहा है । पुलिस को इसकी जानकारी देने पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आपत्तिजनक कागद-पत्र नियंत्रण में लिए ।
२. दूसरी घटना शहबाजपुर की है । यहां जौनपुर के रहनेवाले डेविड ने ३ वर्ष पूर्व भूमि क्रय कर चर्च का निर्माण किया था । यहां बाहर से लोग आ रहे थे, नैमिष ने परिवाद किया था कि यहां कुछ लोगों को आमंत्रित कर उनका धर्मपरिवर्तन किया जा रहा है । इस चर्च में ब्राजिल से एक महिला तथा ३ पुरुष आए थे, जिनमें एक पादरी भी था । पुलिस ने उन सभी को नियंत्रण में लिया ।
संपादकीय भूमिकाउत्तर प्रदेश में हिन्दुत्वनिष्ठ भाजपा की सरकार सत्ता में होते हुए भी उद्दंड ईसाई वहां हिन्दुओं के धर्मपरिवर्तन का प्रयास करते हैं, यह आपत्तिजनक है ! इसे रोकने हेतु कठोर कानून के साथ प्रभावकारी कार्यवाही आवश्यक है ! |
थूकने वालों से अब ढाई सहस्र रुपये दंड वसूल करें ! – मुंबई उच्च न्यायालय
(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीकृष्ण मुसलमान थे तथा ५ समय की नमाज पढते थे !’ – Maulana Jarjis Ansari
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।