(कहते हैं) ‘हिन्दुत्व में हत्या, हिंसा एवं भेदभाव को दिया जाता है समर्थन !’ – सिद्धरामय्या
कर्नाटक के कांग्रेस के नेता सिद्धरामय्या का हिन्दुद्वेष !
कर्नाटक के कांग्रेस के नेता सिद्धरामय्या का हिन्दुद्वेष !
ऐसे हिन्दू विरोधी लोग प्रशासन में होंगे तो वे हिन्दू हितों की रक्षा कैसे करेंगे ?
मंदिर तोड़ने की बात अभिमान से कहनेवाले आजके गजनियों को उनका स्थान दिखाने के लिए तमिलनाडु के हिन्दुओं का संगठित होना आवश्यक !
ध्यान दें कि मौलाना बरेलवी जिहादी धर्मांध आतंकवादियों द्वारा हिन्दुओं को लक्ष्य कर मारे जाने के संबंध में कभी अपना मुंह नहीं खोलते !
मध्य प्रदेश में जब भाजपा की सरकार है तो हिन्दुओं को लगता है कि मुसलमानों में ऐसी घोषणा करने की साहस नहीं होनी चाहिए ! सरकार को घोषणा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनी चाहिए एवं चेतावनी देनी चाहिए कि ‘कोई भी फिर से ऐसा करने की साहस नहीं करेगा’ !
मुसलमानों को हिन्दुओं की मानसिकता ज्ञात होने से ही वे ऐसे वक्तव्य देने का साहस दिखाते हैं । हिन्दुओं को अपनी इस मानसिकता में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है; इसलिए हिन्दुओं को रजा के इस वक्तव्य को ध्यान में रखकर हिन्दू राष्ट्र बनाकर ही दिखाना चाहिए !
हिन्दूद्वेषी मौर्य के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए हिन्दुओं को वैध मार्ग से संघर्ष कर प्रशासन पर दबाव बनाना आवश्यक !
हिन्दूबहुल भारत में रह कर हिन्दुओं के मंदिर के विषय में इस प्रकार का वक्तव्य करने का साहस होता है, हिन्दुओं के लिए यही लज्जाजनक है ! पाकिस्तान में ही नहीं, अपितु भारत में भी अन्य धर्मियों के श्रद्धास्थान के विषय में कोई ऐसा वक्तव्य दे, तो क्या होता है, पूरे विश्व को ज्ञात है !
इससे चंद्रशेखर की हिन्दू विरोधी मानसिकता स्पष्ट होती है ! एक योजना के अंतर्गत वे हिन्दू धर्म का अपमान कर अन्य धर्म के लोगों के मतों के लिए उनके धर्म की प्रशंसा कर रहे हैं । जब तक बिहार के हिन्दू संगठित नहीं होते, तब तक इस प्रकार की राजनीति चालू ही रहेगी !
यदि एक राज्य के शिक्षामंत्री ही ऐसा कहें, तो राज्य की शिक्षा कैसी होगी ? इसकी कल्पना करना असंभव है !