पूरे देश में ‘गोवंश हत्या प्रतिबंध’ एवं ‘धर्मांतरण विरोधी’ कानून लागू करें ! – अधिवेशन में मांग
बिहार राज्य स्तरीय ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्न !
बिहार राज्य स्तरीय ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्न !
छत्तीसगढ में धर्मांतरण की बढती घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है । आनेवाले विधानसभा के अधिवेशन में धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लाकर उसे लागू किया जाएगा, साथ ही नक्सलवाद के जड पर प्रहार करने का हमारा निश्चय है ।
इस अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड एवं जम्मूसहित विभिन्न राज्यों के १२० से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठ, संत, अधिवक्ता, विचारक, मंदिरों के न्यासी, संपादक, उद्योगपति तथा सूचना अधिकारी कार्यकर्ताओं ने सहभाग लिया ।
हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित अधिवेशन में हिन्दू संगठनोंं की मांग
हिन्दूहित के उपक्रमों को गति प्रदान करने के लिए ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ वाराणसी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ । अधिवेशन में ‘हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति’ के माध्यम से हिन्दू राष्ट्र का जन आंदोलन खडा करने का संकल्प किया गया ।
राजनैतिक दृष्टि से वर्तमान काल यद्यपि अनुकूल है; परंतु सुरक्षा की दृष्टि से काल प्रतिकूल है । हिन्दू राष्ट्र की मांग प्रतिदिन बढती जा रही है ।
हिन्दुओं को आज स्वबोध नहीं, तो शत्रुबोध कैसे होगा ? हिन्दू संगठनों के माध्यम से हिन्दू समाज को यह बोध हो, इसलिए यह हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन है ।
हमें स्वयं धर्मशिक्षा लेनी होगी और समाज को देनी होगी । यह एक प्रकार से धर्म की स्थापना का अर्थात पुरुषार्थ का कार्य है । ऐसा प्रतिपादन दिल्ली से उज्जैन यात्रा पर आए सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने किया । वे यहां के वेदनगर स्थित आनंद भवन में आयोजित हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे ।
‘‘भारत में राज्य व्यवस्था हिन्दुओं के लिए अनुकूल होने हेतु वैधानिक मार्ग से भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करना आवश्यक है । इसलिए हिन्दू संगठित होकर लोकतांत्रिक मार्ग से हिन्दू राष्ट्र आंदोलन को सशक्त बनाएं ।’’,
‘‘हिन्दू राष्ट्र के लिए समविचारी हिन्दू शक्तियों को जोडकर हमें अपने क्षेत्र के मंदिर, गोमाता, हिन्दुओं को सुरक्षित करने का संकल्प करना होगा । हिन्दू राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें । काल प्रवाह हिन्दू राष्ट्र के अनुकूल है ।