सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के पाद्यपूजन समारोह के समय श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी को प्राप्त अनुभूतियां !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के चरणों पर ‘ॐ ऐं क्लीं श्रीं श्रीं श्रीं सच्चिदानन्द-परब्रह्मणे नमः ।’ मंत्रजप करते हुए पुष्पार्चना करते समय ‘प्रत्येक फूल में विद्यमान प्राण जागृत हुआ है’, ऐसा प्रतीत हो रहा था ।