
रामनाथी (गोवा) – श्रीविष्णु स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के पावन निवास के कारण सनातन का रामनाथी आश्रम तो भूवैकुंठ ही बन गया है । इस आश्रम को विभिन्न देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त हुए हैं । अब सनातन के आश्रम में श्रीराम शालीग्राम के रूप में साक्षात श्री महाविष्णु का आगमन हुआ है !

सप्तर्षियों की आज्ञा के अनुसार सनातन के आश्रम में हाल ही में चैतन्यमय वातावरण में श्रीराम शालीग्राम की प्रतिष्ठापना की गई । १४ एवं १५ जुलाई २०२२ को सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का जन्मनक्षत्र ‘उत्तराषाढा’ था, उस समय संकल्प, गणपतिपूजन, पुण्याहवाचन, पिंडी का स्थापना, ब्रह्मादिमंडल देवताओं का आवाहन और पूजन कर सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की ‘आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी’ श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति में श्रीराम शालीग्राम की प्राणप्रतिष्ठा की गई । सप्तर्षियों की आज्ञा से प्राणप्रतिष्ठा के उपरांत श्रीराम शालीग्राम पर गुलाबजल और दूध का अभिषेक किया गया । प्रभु श्रीराम के लिए हवन भी किया गया । १५ जुलाई को पूर्णाहूति के साथ इन विधियों का समापन किया गया ।
इस मंगल अवसर पर सनातन के संतों और साधकों ने भी श्रीराम शालीग्राम के दर्शन का लाभ उठाया । इस समय साधकों को विभिन्न अनुभूतियां हुईं ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !