‘ईदगाह’ के विकास के लिए लाखों रुपए का प्रबंध !

मुसलमानों के धार्मिक क्षेत्रों के विकास के नाम पर प्रयोग किए जाते हैं सरकारी कोष (खजाने) के पैसे !

प्रशासन में उच्च पद पर नौकरी प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष ५० अल्पसंख्यक छात्रों को दिया जाता है विशेष प्रशिक्षण !

अल्पसंख्यकों को मुख्य धारा में लाने का चाहे कितने भी प्रयास क्यों न किए जाए; परंतु तब भी अल्पसंख्यकों के लिए उनका धर्म ही ‘प्रथम’ होता है, इसे ध्यान में रखिए !

अल्पसंख्यक समुदाय को मिलनेवाले अधिकार बहुसंख्यक हिन्दुओं को क्यों नहीं ? – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

‘‘आज केवल मांस के लिए नहीं, हर उत्पाद के लिए सशुल्क हलाल सर्टिफिकेशन दिया जा रहा है । हाउसिंग कॉम्प्लेक्स एवं अस्पताल को भी हलाल प्रमाणपत्र बांटे जा रहे हैं । इस सर्टिफिकेशन से कई प्रश्न उठते हैं ।

गिरजाघर के पादरियों को सरकारी कोष से वेतन का भुगतान क्यों किया जाना चाहिए ?

‘आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी स्वयं ईसाई हैं, इसी कारण सरकारी कोष का धन पादरियों पर उड़ाया जा रहा है’ ? यदि कोई यह कहता है तो इसमें उसका का क्या दोष !

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म पर प्रतिबंध लगाएं !’

केरल से हिन्दू एवं ईसाई युवतियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कर उन्हें इस्लामिक स्टेट में भर्ती किए जाने की घटनाएं इससे पहले ही उजागर हुई हैं । उस विषय में कांग्रेस ने अभीतक मुंह क्यों नहीं खोला ?, यह वह बताएगी क्या ?

केजरीवाल मौलानाओं को प्रतिवर्ष १८ सहस्र रुपए देते हैं ! – केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

‘केजरीवाल अराजकता के प्रतीक हैं । स्वयं की सरकार द्वारा किए भ्रष्टाचार के सूत्रों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही उन्होंने मुद्रा नोटों पर देवताओं के चित्र छपवाने की मांग की है ।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को भारत सरकार की १२३ बड़ी संपत्तियां दान कर दी थीं  !

तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वक्फ बोर्ड को ऐसे बांट दिया मानो यह उसकी अपनी संपत्ति हो ! इस निर्णय में लिप्त सभी लोगों को कडा से कडा दंड मिलना चाहिए !

चेन्नई में ईसाई विद्यालय के छात्रावास में रहने वाली हिन्दू छात्राओं को धर्मपरिवर्तन के लिए सताया !

स्वयं को नास्तिकतावादी कहलवाने वाली द्रमुक सरकार नास्तिक न होकर ईसाइयों की चमचागीरी करने वाली और हिन्दू विरोधी सरकार है, यही इससे ध्यान में आता है !

आंध्र प्रदेश सरकार की साहूकारी (दादागिरी) !

आंध्र प्रदेश में जब से हिन्दूद्वेषी सरकार सत्ता में आई है, तब से वहां हिन्दुओं पर हो रहे आघातों की शृंखला रुकने का नाम नहीं ले रही है ।

बिहार सरकार ने ‘शुक्रवार’ को अवकाश देनेवाले विद्यालयों की सूची मांगी है !

सूची मांगने की अपेक्षा इस प्रकार अवकाश दिया जाना नियमों का उल्लंघन है, यह बताकर संबंधित लोगों पर कार्यवाही कर पुनः रविवार को अवकाश देने का निर्देश देना अपेक्षित है !