प्रशासन में उच्च पद पर नौकरी प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष ५० अल्पसंख्यक छात्रों को दिया जाता है विशेष प्रशिक्षण !
अल्पसंख्यकों को मुख्य धारा में लाने का चाहे कितने भी प्रयास क्यों न किए जाए; परंतु तब भी अल्पसंख्यकों के लिए उनका धर्म ही ‘प्रथम’ होता है, इसे ध्यान में रखिए !