केरल में ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ की प्रथम महिला विधायिका द्वारा दीप प्रज्वलन कर भोजनालय (रेस्टोरेंट) का उद्घाटन करने पर कट्टरपंथियों की आलोचना

इस्लाम से निष्कासित करने की धमकी ।

‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ की प्रथम महिला विधायिका फातिमा तहलिया

तिरुवनंतपुरम (केरल) – केरल में ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ की प्रथम महिला विधायिका फातिमा तहलिया द्वारा एक भोजनालय के उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक दीप, अर्थात ‘निलाविलक्कु’ प्रज्वलित करने के कारण इस्लामी संगठनों के मौलवियों (इस्लाम के धार्मिक नेताओं) ने आपत्ति व्यक्त की है तथा इस कृत्य को ‘अपराध’ कहा है । फातिमा तहलिया ने इस विषय में प्रतिक्रिया देने से अस्वीकार कर दिया है ।

‘समस्त केरल जमिय्यतुल उलमा’ नामक संगठन ने अपनी बैठक में इस कृत्य पर कहा कि ‘निलाविलक्कु’ प्रज्वलित करना इस्लामी परंपरा नहीं है । किसी भी मुसलमान द्वारा ऐसा करना इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत माना जाएगा । यदि कोई मुसलमान गैर-मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं के आधार पर ऐसा करता है, तो वह इस्लाम से निष्कासित भी हो सकता है । इसके अतिरिक्त केवल परंपरा अथवा अनुकरण के रूप में भी ऐसा करना ‘हराम’ (इस्लाम के अनुसार अयोग्य) तथा अपराध की श्रेणी में आएगा ।

संगठन के नेता अब्दुल हमीद फैजी अंबालाक्कदावू ने कहा कि इस्लाम अपने अनुयायियों को अन्य धर्मों की परंपराओं का पालन करने की अनुमति नहीं देता ।

संपादकीय भूमिका

सर्वधर्मसमभाव केवल हिन्दुओं को ही अंगीकार करना है तथा मुसलमानों को हिन्दुओं की प्रत्येक धार्मिक बात का विरोध करना है, यही अनेक दशकों से चल रहा है । इसीलिए हिन्दू राष्ट्र का कोई विकल्प नहीं है !