SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : बोरीवली (मुंबई) के नैंसी एस्.टी. बस स्थानक में स्वच्छता की ‘ऐसी की तैसी

सार्वजनिक मूत्रालयों से भी अधिक प्रसाधनगृहों की लज्जास्पद स्थिति

वर्ष २०२३ में ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र राज्य के जिले से लेकर तहसील स्तर तक के बस स्थानकों की स्वच्छता तथा यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की थी । उस समय ‘सनातन प्रभात’द्वारा बस स्थानकों की दयनीय स्थिति पर समाचार माला प्रकाशित की गई थी । हिन्दू जनजागृति समिति के ‘सुराज्य अभियान’के प्रतिनिधि मंडल ने महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम के तत्कालीन निदेशक शेखर चन्ने से मिलकर उनके सामने हमारे समाचारों का संदर्भ देते हुए राज्य के बस स्थानकों की दयनीय स्थिति रखी । उसके उपरांत महाराष्ट्र में १ मई २०२३ से ‘हिन्दू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे स्वच्छ एवं सुंदर बस स्थानक’, यह उपक्रम आरंभ किया गया ।

परिवहन निगम की ओर से पिछले ३ वर्षाें से यह अभियान चलाया जा रहा है । इसके अंतर्गत अनेक बस स्थानक अच्छे प्रयास कर रहे हैं । इसके कारण राज्य के बस स्थानकों में आमूलचूल परिवर्तन भी आ रहा है, परंतु अभी भी कुछ बस स्थानक स्वच्छता की बहुत अनदेखी कर रहे हैं । बस स्थानकों के अधिकारी स्वच्छता के न्यूनतम मापदंडों की भी अनदेखी कर रहे हैं । इस स्थिति की ओर सरकार एवं समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए ‘सनातन प्रभात’ पुनः एक बार राज्य के बस स्थानकों की दयनीय स्थिति के विषय में समाचारमाला आरंभ कर रहा है ।

बोरीवली (मुंबई) का नैंसी एस्.टी. बस स्थानक

मुंबई – मुंबई के बोरीवली (पूर्व) के नैंसी एस्.टी. बस स्थानक राज्य के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों में भी बस द्वारा यातायात होता है, किंतु पश्चिम मुंबई के इस महत्त्वपूर्ण बस स्थानक में स्वच्छता का अभाव है । जमें हुए शौचालय एवं मूत्रालय, उनके टूटे हुए दरवाजे, गंदगी से लिपी हुई दीवारें, ऐसी स्थिति है । अन्य सार्वजनिक मूत्रालय इनसे अच्छे कहे जाएंगे, ऐसी इस बस स्थानकों के प्रसाधनगृहों की दयनीय स्थिति है । इन प्रसाधनगृहों की स्थिति देखकर कोई यात्री उसका उपयोग किए बिना वापस मुडेगा, ऐसी दयनीय स्थिति है । ‘सनातन प्रभात’के संवाददाता ने जब इन प्रसाधनगृहों का अवलोकन किया, उस समय इस प्रसाधनगृह के बाहर भी बडी मात्रा में प्लास्टिक के थैलियों का कचरा जमा हुआ था । पिछले अनेक दिनों से इस परिसर की स्वच्छता नहीं की गई है, ऐसा दिखाई दिया ।

नैंसी एस्.टी. बस स्थानक में अन्य सुविधाओं की भी दयनीय स्थिति ।

प्याऊ के बाहर प्लास्टिक की थैलियों का कचरा

१. इस बस स्थानक में एक चतुष्कोनीय प्याऊ है, परंतु इस प्याऊ के नल पिछले अनेक दिनों से खराब हो चुके हैं । प्याऊ के नीचे भी कचरा जमा हुआ था ।

२. बस स्थानक का परिसर लगभग ३ एकड है । इस परिसर के उपेक्षित कोनों में सवेरे ११.३० से दोपहर १२ बजे के समय में कुछ लोग मदिरापान करते बैठे हुए थे । ‘गर्दुल्ले तथा बस स्थानक की बाजू की झोपडपट्टी में रहनेवाले कुछ लोग मदिरापान करने के लिए बस स्थानक की भूमि का उपयोग करते हैं, ऐसा वहां के एक कर्मचारी ने बताया । इस बस स्थानक के इर्द-गिर्द लगभग ५ फुट ऊंची संरक्षक दीवार है, परंतु मदिरापान करनेवाले लोग इस दीवार से कूदकर अंदर आते हैं ।

बस स्थानक के परिसर में बढी हुई जंगली झाडी
बस स्थानक के परिसर में पडा हुआ कचरा।

३. बसस्थानकों के परिसर में कुछ स्थानों पर झाडी बढ गई है, साथ ही गढ्ढे हैं । वर्षाऋतु में इन गढ्ढों में पानी जमा होता है ।

कर्मचारियों की अल्प संख्या एवं कोष का अभाव 

‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधि ने बस स्थानक के सहायक यातायात निरीक्षक अरुण गडरी से मिलकर उनसे बस स्थानक की स्थिति के विषय में पूछा, तब उन्होंने कहा, ‘‘बस स्थानक में स्थित शौचालय स्थानीय विधायक के कोष से बनाया गया है । इस शौचालय की स्वच्छता का ठेका निजी ठेकेदार के पास था, परंतु अब उसके ठेके की अवधि समाप्त होने के कारण वर्तमान में प्रसाधनगृह की स्वच्छता निगम के कर्मचारी करते हैं । कर्मचारियों की संख्या अल्प होने के कारण, साथ ही बस स्थानक का परिसर बडा होने के कारण स्वच्छता बनाए रखने पर मर्यादाएं आती हैं । कुछ असामाजिक तत्त्व बस स्थानक के परिसर में आकर मदिरापान करते हैं । उन्हें रोकने के लिए संरक्षक दीवार की ऊंचाई बढाना तथा सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करना आवश्यक है ।’’

प्रसाधन गृह में स्थित अत्यंत अस्वच्छ बेसिन
अत्यंत अस्वच्छ मूत्रालय
अत्यंत अस्वच्छ एवं दरवाजे टूटे हुए शौचालय

कुल मिलाकर इस बस स्थानक के प्रसाधनगृह की दयनीय स्थिति, उनकी स्वच्छता, प्याऊ के नलों में सुधार, बस स्थानक परिसर में स्वच्छता बनाए रखना, बस स्थानक के परिसर में स्थित गढ्ढे बंद करना, परिसर में आनेवाले मदिरापान करनेवाले लोगों को रोकना आदि बातों पर ध्यान देना आवश्यक है । इन कामों के लिए निगम की ओर से अथवा जनसहभाग के माध्यम से कोष का प्रावधान करना आवश्यक है ।