एलन मस्क ने भारत में घटती प्रजनन दर पर चिंता व्यक्त की ।

प्रतिकात्मक चित्र

वाशिंगटन (अमेरिका) – भारत में शिक्षित वर्ग की प्रजनन दर कई वर्षों से प्रतिस्थापन स्तर (Replacement Level) से नीचे बनी हुई है । देश की कुल प्रजनन दर घटकर अनुमानित १.९ रह गई है, जबकि जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए यह दर २.१ होनी आवश्यक मानी जाती है । इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए टेस्ला तथा स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने कहा कि इसका देश की जनसंख्या संरचना पर दीर्घकालिक तथा गंभीर प्रभाव पड सकता है । उन्होंने इस संबंध में एक रिपोर्ट के बारे में बताया ।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रजनन दर घटकर लगभग १.२ रह गई है, जो कई विकसित देशों से भी कम मानी जाती है । विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा, बदलती जीवनशैली एवं आर्थिक कारणों के चलते शहरी क्षेत्रों में परिवारों का आकार लगातार छोटा होता जा रहा है ।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख

United Nations Population Fund की ‘स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट २०२५’ में भी कहा गया है कि भारत की प्रजनन दर २.१ से घटकर १.९ हो गई है । भारत अब विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है, किन्तु इसके बाद भी जनसंख्या वृद्धि की दर में धीरे-धीरे कमी आ रही है ।