
नागपुर – विदेशी आक्रमणों के कारण आयुर्वेद का प्रसार रुक गया था । अब आयुर्वेद को पुनः मान्यता मिल रही है । आयुर्वेद के प्रसार का समय आ गया है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार है कि आयुर्वेद को वैश्विक मान्यता प्राप्त हो इसके लिए प्रयत्न करने की आवश्यकता है । प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने १२ नवंबर को यहां अपना मत व्यक्त किया ।
परकीय आक्रमणानंतर आयुर्वेदाचे महत्त्व घटले; सरसंघचालक मोहन भागवत यांचे प्रतिपादनhttps://t.co/AKS96Bs07s#rss #mohanbhagwat #Ayurveda #declined #importance
— LoksattaLive (@LoksattaLive) November 13, 2022
केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग से पूर्वी नागपुर के सुरेश भट सभागृह में ३ दिवसीय ‘आयुर्वेद पर्व’ और अंतर्राष्ट्रीय परिषद का आयोजन किया गया । इस परिषद के उद्घाटन के अवसर पर वे अपना मत व्यक्त कर रहे थे ।
(सौजन्य : ucn news)
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