आंध्र प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू को बंदी बनाया गया !

वर्ष २०२१ में चंद्राबाबू नायडू के विरुद्ध कौशल्य विकास घोटाले पर अपराध प्रविष्ट किया गया था । २५० करोड रुपए के घोटाले में चंद्राबाबू प्रथम क्रमांक के अपराधी हैं । उन पर लगाई गई धाराएं जमानत के योग्य नहीं (नॉन बेलेबल) हैं ।

पाक की राजनीतिक उलझन !

पाकिस्‍तान में अभी भी वंश एवं कुल पर आधारित राजनीति का स्‍वरूप निश्चित होता है । ऐसे देश की जनता अन्‍न के बिना त्रस्त हो, तो भी वहां के राजनीतिक जनप्रतिनिधियों को उससे लेना-देना नहीं रहता । इमरान खान के दण्ड के उपरांत पाकिस्‍तान में एक नया अध्‍याय आरंभ होगा; किंतु वह प्रतिशोध, द्वेष तथा दुर्भावना का होगा ।

सभागार अथवा हंगामागार ?

अधिवेशन आरंभ होने के पूर्व ही ‘शासन को किन सूत्रों पर घेरना है ?’, यह वे पहले ही निश्चित कर लेते हैं तथा वे ऐसा करते भी हैं । इसलिए यह अधिवेशन ‘सरकार को दुविधा में डालने के लिए है अथवा जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए ?’, यह प्रश्न उठता है ।

अराजकता की दहलीज पर ‘पाप’स्‍तान !

पाकिस्‍तान के अनेक प्रांतोें में विद्रोह जैसी स्थिति हो कर पाकिस्‍तान के टुकडे होने की संभावना होने से भारत को इन सभी घटनाओं पर ध्यान देकर सतर्क रहना आवश्यक है । इस स्थिति से लाभ उठाते हुए भारत को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को स्वतंत्र (आजाद) कराना चाहिए । यदि ऐसा हुआ, तो वैश्विक स्‍तर पर कूटनीति का यह एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण होगा !

(और इनकी सुनिए…) ‘केंद्र सरकार के मंत्रालयों का कार्य रा. स्व. संघ द्वारा किया जाता है !’ – राहुल गांधी

यदि ऐसा होता, तो अबतक रा.स्व. संघ के समर्थन से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हो गई होती, तथा पूरे देश गोहत्या प्रतिबंध लग गया होता ।

तमिलनाडू में प्रशासन द्वारा भाजपा के कार्यालय से ‘भारतमाता’ की प्रतिमा हटाई गई !

प्रशासन ने बताया कि अनुमति न मिलने के कारण प्रतिमा हटाई गई है !

भारत के साथ सुदृढ संबंध श्रीलंका के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण ! – श्रीलंका

भारत के साथ सुदृढ संबंध निर्माण करते समय चीन को दूर रखकर और श्रीलंका के तमिल हिन्दुओं की रक्षा करना मह‌त्त्वपूर्ण है । श्रीलंका उस विषय में भारत को आश्वस्त करे !

श्रीलंका ने तमिलों के प्रश्नों पर बुलाई सर्वपक्षीय बैठक !

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने देश के अल्पसंख्यक तमिलों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए सर्वपक्षीय बैठक आयोजित की है । उन्होंने सर्व पक्षों को इस संदर्भ में चर्चा के लिए सम्मिलित कर, इसपर एकमत निर्माण करने का आवाहन किया है ।

वंशवाद दलों में लोकतंत्र अनुकूल करना आवश्यक !

अजित पवार के विद्रोह के उपरांत राष्ट्र्रवादी कांग्रेस पार्टी भी शिवसेना की भांति दो गुट में बंट गई । जबकि एकनाथ शिंदे ने उनके दल के नेताओं के विरुद्ध विद्रोह कर पार्टी हथिया ली । ऐसे विद्रोह के दो मुख्य कारण हैं । एक : संविधान एवं कानून में स्पष्ट व्यवस्था न होना तथा दूसरा : वंशवाद एवं परिवारवाद की राजनीति ।

वाम पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए समान नागरिक कानून को हिन्दू-मुसलमान विवाद का रूप दे रही है ! – कांग्रेस का आरोप

वाम पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए समान नागरिक कानून को हिन्दू और मुसलमान विवाद का रूप दे रही है, ऐसा आरोप केरल के कांग्रेस नेताओं ने राज्य की सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पर किया ।