९ दिनों में ही युद्धविराम समझौते की धज्जियां ।

तेहरान (ईरान) – हॉर्मुज जलडमरूमध्य से यात्रा कर रही एक व्यापारी नौका पर ईरान द्वारा ड्रोन आक्रमण किए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों तथा रडार केंद्रों पर हवाई आक्रमण किया । इससे ईरान तथा अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम समझौता केवल ९ दिनों में ही टूट गया, यह स्पष्ट हुआ ।
हिंसा का उत्तर हिंसा से ही दिया जाएगा – अमेरिका
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने सामाजिक माध्यम पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ‘ईरान द्वारा किया गया यह आक्रमण युद्ध विराम समझौते का सीधा उल्लंघन है । उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे ।’ दूसरी ओर उपराष्ट्रपति जे.डी. वान्स ने कठोर शब्दों में कहा कि, यदि कुछ मतभेद हैं, तो दूरभाष पर चर्चा करें, हिंसा का उत्तर हिंसा से ही दिया जाएगा । (गांधीवादी भारत अमेरिका से यह कब सीखेगा – संपादक)
अमेरिका के आक्रमण के बाद ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग ने कहा कि, अमेरिका ने एक बार फिर से बातचीत चल रही होने के समय ही ईरान पर आक्रमण किया है । अमेरिकी राष्ट्रपति युद्धविराम के सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहे हैं ।
हॉर्मुज में कर को लागू करने (वसूलने) को लेकर तनाव ।
अमेरिका तथा ईरान के बीच १७ जून को १४ सूत्रीय युद्धविराम समझौता हुआ था । इस समझौते के अनुसार ६० दिनों तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जाने वाली व्यापारी नौकाओं से कोई भी कर न लेने की बात ईरान ने स्वीकार की थी, परंतु ईरान के अधिकारियों ने कर लागू करने की भाषा शुरू कर दी । इसी विवाद के कारण दोनों देशों के बीच संबंध फिर से बिगड गए ।
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