TET Paper Leak : ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (टीईटी) का प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षा निरस्त (रद्द) !

तीन लोगों को बंदी बनाया गया !


मुंबई – पूरे राज्य में महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की २८ जून को ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (टीईटी) होनेवाली थी; हालांकि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र भी ठाणे जिले के भिवंडी में लीक हो गया है । इसलिए एक बार फिर टीईटी परीक्षा निरस्त करने की नौबत शासन (सरकार) पर आ गई है । एक व्यक्ति के पास यह प्रश्नपत्र होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वहां छापा मारा, साथ ही ‘महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद’ के अधिकारियों को बुलाकर तुरंत सत्यापन (जांच) किया । उस गृहस्थ (व्यक्ति) के पास के प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्न समान पाए जाने के कारण भिवंडी पुलिस थाने में याचिका प्रविष्ट की है ।

‘महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद’ की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) लेकर यह जानकारी दी । इस प्रकरण में पुलिस के दल ने सहारा एयरपोर्ट परिसर से तीनों को हिरासत में लिया है ।

परीक्षा की अगली तिथि महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रसिद्ध (घोषित) की जाएगी । शिक्षकों को फिर से इस परीक्षा के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) नहीं करना पडेगा, साथ ही परीक्षा का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा । ३७ शहरों में १ सहस्र २८ केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा होनेवाली थी । पहली से आठवीं के शिक्षक पदों के लिए उम्मीदवारों की पात्रता निश्चित करने के लिए ली जानेवाली यह राज्य स्तरीय परीक्षा है ।

कुछ दिन पूर्व ही हुए ‘नीट’ (NEET) प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के तार अभी भी पूरी तरह से नहीं मिले होने के दौरान ही यह नया प्रकरण सामने आया है । इस संदर्भ में कुछ विद्यार्थियों ने आत्महत्या भी की है ।

आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ! – शिक्षा मंत्री

प्रश्नपत्र बेचने के लिए आने की जानकारी पुलिस को मिली थी । उसके लिए पुलिस ने जाल बिछाया था । पकडे गए लोगों में से १ हरियाणा और २ लोग बिहार के हैं । प्रश्नपत्र दिल्ली से लाए गए थे । मुख्य आरोपी अभी भी फरार है । एक आरोपी केंद्रीय विद्यालय में नौकरी लगवाने के लिए आया था । एक आरोपी पहले अनुत्तीर्ण (फेल) हुआ था । आरोपियों ने प्रश्नपत्र किसे बेचे ?, इसकी जांच जारी है । अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने मीडिया को उपरोक्त जानकारी दी । शासन ने इसका गंभीर संज्ञान लिया है । आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ऐसा राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने बताया ।

संपादकीय भूमिका

शिक्षा क्षेत्र की अराजकता और भ्रष्ट व्यवस्था को परिवर्तित करने के लिए नीतिवान (नैतिक) कामकाज करनेवाले शिक्षक और कर्मचारी चाहिए । इसके लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !