(और इनकी सुनिए…) ‘कार्यकाल पूर्ण होने के पूर्व अल्पसंख्यकों को १० सहस्र करोड रुपए तक अनुदान दूंगा !’ – सिद्धरामय्या

बहुसंख्यक हिन्दू जो कर भरते हैं, केवल मतों की राजनीति के लिए उस धनराशि को अन्य धर्मियों पर पानी की भांति बहानेवाली कांग्रेस को चुनकर लानेवाले हिन्दुओं को क्या यह स्वीकार है ?

‘पाकिस्तान अन्टोल्ड’ संगठन ने लिया १ सहस्र २०० हिन्दू शरणार्थी बच्चों को दत्तक (गोद) !

निःशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था !
आर्थिक सहायता करने का हिन्दुओं को आवाहन !

पाकिस्तान में मुसलमानों ने हिन्दू लडकी का अपहरण कर किया सामूहिक बलात्कार

पुलिस ने अपराध प्रविष्ट करना नकारा

देवताओं के चित्र फाड दिए, देश-विरोधी घोषणाएं करने को बाध्य किया !

कश्मीर के मुसलमान छात्रों की यह हिन्दुद्वेषी एवं भारत-विरोधी मानसिकता को देखते हुए, कश्मीर का जिहादी आतंकवाद आने वाले अनेक वर्षों तक समाप्त नहीं होगा, यही स्पष्ट होता है !

सीतापुर (उत्तर प्रदेश) में मुहम्मद पैगंबर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा के समय हिन्दुओं पर पथराव !

मुसलमान हिंसाचार कर रहे हैं; तो उनके अर्थार्जन के साधनों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसी मांग कोई करे तो इसमें गलत क्या है ?

यदि आप प्रार्थना करना चाहते हैं, तो मस्जिद में जाएं !

लोगों का यह भी मानना है कि बिना अनुमति के सडकों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ कर नागरिकों के लिए बाधा उत्पन्न करने पर भी न्यायालय को आदेश पारित करना चाहिए !

कनाडा आरोपों के विषय में जानकारी देगा, तो भारत चर्चा के लिए तैयार ! – डॉ. जयशंकर 

किसी की हत्या करने की हमारी सरकार की नीति नहीं; लेकिन यदि कनाडा हमारे साथ कुछ जानकारी का लेनदेन करने के लिए तैयार होगा, तो हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं ।

स्कॉटलैंड में खालिस्तानियों ने भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में जाने से रोका !

ब्रिटिश सरकार को खालिस्तानियों पर कठोर कार्यवाही करने के लिए तत्परता से कदम उठाना आवश्यक है, यही इस घटना से ध्यान में आता है !

कनाडा द्वारा आतंकवाद, कट्टरतावाद एवं हिंसा को छूट !

जो आतंकवाद एवं अलगाववाद की भाषा बोलते हैं, वे गिने-चुने लोग ही हैं । उन पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए । ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए कि अलगाववादियों के विचार सभी सिक्ख समाज के हैं !

(और इनकी सुनिए…) ‘पाउडर’ एवं ‘लिपस्टिक’ लगानेवाली महिलाओं को ही होगा महिला आरक्षण का लाभ !’ – राजद के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी

स्वयं के धर्म की महिलाओं को बुरके में रखनेवालों को ऐसा लगे, तो इसमें क्या आश्‍चर्य ? इस प्रकार महिलाओं का अनादर करनेवाले एवं उनकी क्षमता पर प्रश्‍न उठानेवाले सिद्दीकी पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए !