Sonia Gandhi INC : (और इनकी सुनिए) “मोदी सरकार आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को ‘राष्ट्र का शत्रु’ मानती है ।”

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का आरोप ।

नई दिल्ली – उत्तरदायित्व तथा शैक्षणिक सुधारों की मांग करने वाले विद्यार्थियों को भविष्य के महत्वपूर्ण हितधारक के रूप में स्वीकार करने की अपेक्षा मोदी सरकार उन्हें “राष्ट्र का शत्रु” मानती है । विद्यार्थी अपनी उचित मांगों को लेकर सडकों पर उतरे हैं, परन्तु सरकार उनके साहस का उत्तर कायरता एवं अन्यायपूर्ण व्यवहार से दे रही है । यह आरोप कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लगाया । उन्होंने एक अंग्रेजी समाचारपत्र में “शिक्षा व्यवस्था का पतन, युवा भारत पर आघात” शीर्षक से लिखे लेख में ये बातें कही हैं ।

संसद के सामने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य

सोनिया गांधी ने आगे लिखा कि—

१. देशभर के विद्यार्थी प्रश्नपत्र लीक होने तथा लगातार बिगडती शिक्षा व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं । उनकी मांगें स्पष्ट हैं—सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करे एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाए ।

सोनिया गांधी द्वारा एक अंग्रेज़ी समाचार पत्र में लिखा गया लेख –

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२. मोदी सरकार ने कुल बजट में स्कूल शिक्षा का हिस्सा ५० प्रतिशत तथा उच्च शिक्षा का हिस्सा ३३ प्रतिशत कम कर दिया है । पिछले १२ वर्षों में सरकार ने लगभग १ लाख सरकारी स्कूल बंद किए, जबकि ४३सहस्त्र निजी स्कूल खोले गए । इनमें से बडी संख्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा उससे संबद्ध संगठनों द्वारा संचालित की जाती है । (राष्ट्रप्रेमी संघ के विद्यालय खुलने से सोनिया गांधी को आपत्ति है ।– संपादक)

३. शिक्षा पूरी करने के बाद भी युवाओं को अच्छी नौकरियां नहीं मिल रही हैं । इसके बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसदीय समिति की अनुशंसा (सिफारिश) को अस्वीकार कर दिया एवं इतनी बडी घटनाओं के बाद भी त्यागपत्र देने से मना कर दिया । (कांग्रेस ६० वर्षों तक सत्ता में रही । उस समय उसने क्या किया, यह सोनिया गांधी क्यों नहीं बतातीं ?– संपादक)

४. दिल्ली पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस एवं पेलेट गन जैसे बल प्रयोग का प्रयोग किया । इस कार्यवाही में कई निर्दोष विद्यार्थी घायल हो गए ।

संपादकीय भूमिका

  • इस प्रकार राजनीति करने वाली सोनिया गांधी के मन में विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति कभी भी सच्ची संवेदना उत्पन्न नहीं हो सकती, यही वास्तविकता है ।
  • विद्यार्थियों पर हमला करना पूरी तरह अनुचित है । तथापि, जब कांग्रेस, साम्यवादी, मुस्लिम संगठन एवं राष्ट्रविरोधी तत्व छात्र आंदोलन को हिंसक बनाने का प्रयास कर रहे हों, तब सरकार के लिए उस पर नियंत्रण करना आवश्यक है ।
  • विद्यार्थियों, यह सूर्य के प्रकाश जितना सत्य है कि आपके साथ अन्याय हुआ है,परन्तु यह भी मत भूलिए कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है ।