अभिभावक एवं वरिष्ठजन आज की युवा पीढी से संवाद स्थापित करें ! – परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

देहली – आज की युवा पीढी दिशाहीन अथवा पथभ्रष्ट नहीं है । उन्हें समझने हेतु उन्हें आदेश देने की नहीं, अपितु उनसे चर्चा करने की आवश्यकता है । जब हम युवा थे, तब वह आज्ञापालन का काल था । अब वैसी स्थिति नहीं रही है । आज की युवा पीढी का झुकाव प्रश्न पूछने की ओर अधिक है । अतः अभिभावकों एवं वरिष्ठजनों को उनसे संवाद स्थापित करना आवश्यक है । परिवारों में संवाद कम हो रहा है । नई पीढी को हमें अत्यधिक स्नेह प्रदान करना चाहिए । उनके साथ समय व्यतीत करने की आवश्यकता है, ऐसा कथन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने किया । देहली के जंतर-मंतर मैदान पर चल रहे आंदोलन के प्रकरण में वे बोल रहे थे ।