‘नीट’ पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी की प्रतिभू (जमानत) याचिका निरस्त करते हुए न्यायालय ने लगाई फटकार !

नई दिल्ली – आपकी निंदनीय एवं गैर-कानूनी कार्यों की कारण ईमानदार छात्रों के साथ विश्वासघात हुआ है । दिन-रात परिश्रम करके एवं ईमानदारी से पढाई करके इन छात्रों ने परीक्षा की तैयारी की थी । पेपर लीक होने के कारण लाखों छात्रों पर इसका प्रभाव पडा । आपने लालच एवं अवैध संपत्ति के लिए पूरी परीक्षा ही निरस्त करवा दी (बर्बाद कर दी) । आपके कारण करोडों रुपयों की हानि तो हुई ही, साथ ही देश की अपकीर्ति भी हुई । पेपर लीक गिरोह के ये सभी सक्रिय सदस्य थे, इन कडे शब्दों में फटकार लगाते हुए दिल्ली के विशेष न्यायालय ने ‘नीट’ पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी डॉ. मनोज शिरुरे की जमानत याचिका निरस्त कर दी । इसके अलावा, इस मामले में बंदी बनाए गए सभी १३ आरोपियों की न्यायिक हिरासत ६ अगस्त तक बढा दी ।
डॉ. शिरुरे पर आरोप है कि उसने एक छात्र से ५ लाख रुपये लेकर अप्रैल महीने में लीक हुआ रसायन शास्त्र (Chemistry) का प्रश्नपत्र अपने चिकित्सालय में ही उपलब्ध कराया था ।
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