
नई दिल्ली – देश की सबसे बडी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ का पेपर लीक होने से खडा हुआ विवाद, अनेक सप्ताह तक चले उग्र प्रदर्शन एवं सभी वर्गों से बढते दबाव की पृष्ठभूमि में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने २५ जुलाई की दोपहर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया । उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को सौंप दिया है ।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ आरंभ से ही प्रधान के त्यागपत्र की मांग कर रही थी और वह अपने मत पर स्थिर थी । सरकार एवं कॉकरोच जनता पार्टी के बीच तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले प्रधान ने अपना त्यागपत्र दे दिया ।
🚨 Dharmendra Pradhan Resigns! 🚨
Union Minister Dharmendra Pradhan has finally submitted his resignation, sharing a copy of the letter on X (Twitter). 📄✍️
"No injustice will be allowed against students! A visionary education system is the foundation of a strong nation!" 🇮🇳📚… pic.twitter.com/mVLucEd1Xo
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 25, 2026
दूरदर्शी शिक्षा प्रणाली ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव !
प्रधान ने ‘एक्स’ (ट्विटर) के जरिए अपने त्यागपत्र की प्रति भी साझा की है । उसमें उन्होंने कहा :
१. मेरे युवा साथियों, ४ दशकों से भी अधिक समय से मैंने स्वयं को छात्रों, शिक्षा एवं शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में समर्पित किया है । एक सशक्त, समावेशी एवं दूरदर्शी शिक्षा प्रणाली ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है, इस पर मेरा सदा से विश्वास रहा है ।
२. देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं एवं उचित अपेक्षाओं का मैं अपने हृदय से सम्मान करता हूं । भारत की युवा पीढी के सपनों को पूरा करना मेरे राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन की एक नैतिक प्रतिबद्धता रही है । प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं ।
३. ३ मई २०२६ को हुई ‘नीट’ परीक्षा में गडबडियां पाई गई थीं । इस मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए भारत सरकार ने इसकी जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षाएं निरस्त (रद्द) कीं और पुनः परीक्षा (Re-exam) की तारीख घोषित की । साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से कराने का निर्णय लिया गया ।
४. इस पूरी प्रक्रिया के समय २० लाख से अधिक छात्रों के लिए परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी । ‘समग्र सरकार समन्वित दृष्टिकोण’ (Whole-of-Government Approach) को अपनाकर यह कार्य किया गया ।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा !
प्रधान ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा । पहले दिन से ही मैंने इस प्रकरण का दायित्व स्वीकार किया था एवं कभी इस स्थिति से भागा नहीं । ‘परीक्षा माफिया’ के कारण प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य समाप्त (बर्बाद) नहीं होने दिया जाएगा और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा ।
Abhijeet Dipke : (और इनकी सुनिए…) ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए !’
Sonia Gandhi INC : (और इनकी सुनिए) “मोदी सरकार आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को ‘राष्ट्र का शत्रु’ मानती है ।”
(और इनकी सुनिए…) ‘प्रधानमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक का उत्तरदायित्व निश्चित ही नहीं किया !’ – कांग्रेस
Dr. Anand Ranganathan : ‘अनशन का अर्थ है अराजकता’, यह डॉ. अम्बेडकर का वक्तव्य, सोनम वांगचूक को करारा तमाचा ।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक त्यागपत्र नहीं दे देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा !
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया !