Abhijeet Dipke : (और इनकी सुनिए…) ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए !’

धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर अभिजीत दीपके के अहंकारी वक्तव्य !

अभिजीत दीपके

नई देहली – ‘नीट’ प्रश्नपत्र प्रकटन (लीक) के प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद का त्यागपत्र देना चाहिए, इस मांग हेतु गत ३६ दिनों से आंदोलन करने वाले कॉकरोच जनता दल ने (CJP) प्रधान के त्यागपत्र के पश्चात आनंद उत्सव मनाया । जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के समक्ष भाषण करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने, ‘वे (सरकार) कहते थे, ‘इस सरकार में त्यागपत्र नहीं दिए जाते’; परंतु झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’, कहा ।

हमारी अन्य २ मांगें पूर्ण होने तक आंदोलन निरंतर चलता रहेगा ! – दीपके

अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि, मंत्री ने त्यागपत्र दे दिया है; परंतु हमारी अभी भी २ मांगें शेष हैं । हम जंतर-मंतर से ऐसे ही नहीं जाएंगे । एक बार कॉकरोच अंतःप्रविष्ट हो जाए, तो वह बाहर नहीं आता । आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को १ करोड रुपये की क्षतिपूर्ति प्राप्त होनी चाहिए । पुलिस अधिकारियों पर अभियोग चलाया जाना चाहिए । देहली पुलिस के अधिकारी यह स्मरण रखें कि, वे ‘कॉकरोच’ से शत्रुता कर रहे हैं । हमने एक मंत्री को त्यागपत्र देने हेतु विवश किया है, तो आप कौन हैं ? (कॉकरोच के मस्तिष्क में चढा अहंकार ! जनता यह सब देख रही है ! – संपादक) विद्यार्थियों पर प्रविष्ट अभियोग वापस लिए जाने चाहिए । भ्राता, यह लोकतंत्र है । महीने भर से लोग मुझसे पूछ रहे थे, ‘आप क्या कर रहे हैं? तथा कितने समय तक यहां बैठे रहेंगे? वे त्यागपत्र नहीं देंगे । यह एक स्वेच्छाचारी सरकार है ।’ परंतु हमने यह करके दिखाया ।

हमारी मांगें स्वीकृत हुईं, तो हम घर लौट जाएंगे ! – आशुतोष रांका

आशुतोष रांका

कॉकरोच जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि, यदि आप (सरकार) हमारी ३ मांगें लिखित रूप में स्वीकृत कर लें, तो हम घर लौट जाएंगे ।

यह लोकतंत्र की विजय ! – सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने कहा कि, मार्गों से उदित हुआ प्रत्यक्ष लोकतंत्र, यह शांति, संयम एवं दृढता की विजय है । सीजेपी एवं देश की युवा पीढी को बधाई, तथा भय एवं उत्पीडन पर विजय प्राप्त कर देश के कोने-कोने से स्वर उठाने वाले सभी नागरिकों का आभार ।

(और इनकी सुनिए…) ‘अब प्रत्येक सरकार को प्रजा की बात सुननी ही होगी !’ – प्रियंका वाड्रा

कांग्रेस की नेत्री प्रियंका वाड्रा ने कहा कि, आज से इस देश के प्रत्येक शासक को यह स्मरण रहेगा कि, उसे प्रजा की बात सुननी ही होगी । (कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कितनी बार प्रजा की बात सुनी ?, यह प्रियंका वाड्रा को बताना चाहिए ! देश में आपातकाल लागू करके प्रजा को प्रपीडित करने वाली कांग्रेस द्वारा इस प्रकार के कथन न करना ही श्रेयस्कर है ! – संपादक) संपूर्ण देश में विद्यार्थियों ने आंदोलन किया । यह उनकी विजय है । आज रा.स्व. संघ ने भारत की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है ।

२९ वर्ष पूर्व धर्मेंद्र प्रधान ने भी प्रश्नपत्र प्रकटन ( लीक) पर किया था आंदोलन !

धर्मेंद्र प्रधान के पूर्व सहयोगी प्रशांत राउत ने बताया कि, वर्ष १९९७ में जब ओडिशा में प्रश्नपत्र प्रकटन का समाचार आया था, तब प्रधान ने आंदोलन का नेतृत्व किया था । उसमें लगभग १ सहस्र ५०० विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे । पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठी प्रहार किया । धर्मेंद्र प्रधान को निर्दयतापूर्वक पीटा गया । वे अत्यंत घायल हुए, तथा उनका अस्थिभंग भी हुआ था ।