अंडमान के निकट समुद्र में रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी लोगों से भरी नाव पलटने से २५० से अधिक लोग लापता
तेज हवाएं, उग्र समुद्र तथा क्षमता से अधिक यात्री होने के कारण अंडमान के समुद्र में यह नाव डूब गई, ऐसा संयुक्त राष्ट्र के वक्तव्य में कहा गया है ।
तेज हवाएं, उग्र समुद्र तथा क्षमता से अधिक यात्री होने के कारण अंडमान के समुद्र में यह नाव डूब गई, ऐसा संयुक्त राष्ट्र के वक्तव्य में कहा गया है ।
देश में पिछले २५ वर्षों से घुसपैठिया रह रहा था तथा उसने भारतीय कागदपत्र भी प्राप्त कर लिए, इसकी जानकारी न मिलना गुप्तचर तंत्र की गंभीर विफलता है !
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस के प्रतिवेदन की सूचना l
बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठियों की संख्या के कारण होगा परिवर्तन ; हिन्दुओं की जनसंख्या का प्रतिशत ५४ से नीचे जाने की संभावना !
भारत में बांग्लादेशी घुसपैठियों की (वास्तविक) संख्या को देखते हुए, क्या जनता इन आंकडों पर विश्वास करेगी, यह एक प्रश्न है !
इतनी बडी क्षमता वाले केंद्र बनाए जाने से अनुमान लगाया जा सकता है कि राज्य में कितने घुसपैठिए होंगे ! उत्तर प्रदेश की स्थिति ऐसी है, तो अन्य राज्यों की भी इससे अलग नहीं होगी ; परंतु अन्य राज्यों द्वारा ऐसी कार्रवाई होते हुए नहीं दिख रही, जो अत्यंत खेदजनक है !
घुसपैठ होने देने वाले उत्तरदायी अधिकारियों को भी आजीवन कारावास में डालो ।
बांग्लादेशी एवं रोहिंग्याओं की घुसपैठ पर लगाम लगाने हेतु बनाई गई नियमावली का कठोरता से तथा कार्यक्षमता से कार्यान्वयन हो, यही अपेक्षा !
देश की सुरक्षा की दृष्टि से यह इतना बड़ा मुद्दा होते हुए भी केंद्र सरकार ममता बनर्जी की सरकार को हटाकर वहां राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लागू करती ?
महाराष्ट्र में ८० लाख, जबकि देश में १० करोड बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिए हैं। उन्होंने सडकों पर किए जानेवाले सभी व्यवसायों पर अपना नियंत्रण प्राप्त किया है। अनेक महत्वपूर्ण स्थानों पर उनकी अवैध झोपडियां हैं।
दिल्ली ही नहीं, अपितु संपूर्ण देश में यही स्थिति हो रही है । यदि अभी भी कुछ नहीं किया गया, तो कल भारत का पाकिस्तान एवं बांग्लादेश हुए बिना रहेगा नहीं ।