जातिवाद के भंवर में न फंसकर हिन्दू के रूप में एकत्रित होकर धर्मरक्षा करना समय की मांग ! – टी. राजा सिंह, विधायक, तेलंगाना

आज हम गुज्जर, वाल्मिकी, राजपूत आदि जातियों के रूप में स्वयं का परिचय देते हैं; परंतु जब नूंह एवं मेवात में दंगा हुआ, उस समय आप किस जाति से हैं, यह धर्मांधों ने नहीं देखा ।

आसिफ ने लगाया हिन्दू संगठनों के नाम पर मुस्लिमों को धमकी देनेवाला फलक !

गुरुग्राम में विश्‍व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल को अपकीर्त करने का मुसलमानों द्वारा रचित षड्यंत्र सामने आया है । यहां आसिफ नामक मुसलमान युवक ने विहिप एवं बजरंग दल के नाम पर नगर में फलक लगाए ।

हापुड (उत्तर प्रदेश) के सेंट एंथनी विद्यालय में हिन्दू छात्रों को धर्मांतरण के लिए दिखाया गया लालच !

अनेक वर्षों से देखने में आ रहा है कि पूरे देश के कॉन्वेंट विद्यालयों में हिन्दू छात्रों पर ईसाई धर्म के संस्कार थोपे जाते हैं । सरकार को अब ऐसे विद्यालयों पर कडी कार्रवाई करने के साथ ही कडे कानून बनाना भी आवश्यक है !

इस्लामिक स्टेट के मुखपत्र द्वारा हिन्दुओं से प्रतिशोध लेने की धमकी

जिहादी आतंकवादी एवं धर्मांध मुसलमानों से हिन्दुओं की रक्षा करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी ?

नूंह (हरियाणा) में विश्व हिन्दू परिषद की आज होनेवाली ‘ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा’ को हरियाणा सरकार ने अनुमति नहीं दी !

हरियाणा में भाजपा सरकार होते हुए भी हिन्दुओं की धार्मिक यात्रा पर आक्रमण हुआ और पुनः हिन्दुओं को यात्रा निकालने अनुमति नहीं दी गई, यह हिन्दुओं को अपेक्षित नही ! 

बिट्टू बजरंगी यह बजरंग दल का सदस्य नहीं ! – विहिप का स्पष्टीकरण

परिषद का कहना है कि बजरंगी के वीडियो का विषय अयोग्य था । बिट्टू बजरंगी ‘गोरक्षा बजरंग दल’ का संस्थापक अध्यक्ष है ।

विहिप के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने का सर्वोच्च न्यायालय की मनाही !

इससे ध्यान में आता है कि मुसलमान दांवपेंच में कितने निपुण हैं ! अब ऐसी घटनाओं पर धर्मनिरपेक्षतावादी राजनीतिक पार्टियां हिन्दुओं को तालिबानी कहकर उन पर कठोर कार्यवाही करने की मांग करेंगे !

विहिंप के निदर्शन पर प्रतिबंध लगाने का सर्वोच्च न्यायालय की मनाही !

 नूंह (हरियाणा) में हिंसाचार प्रकरण

नूंह (हरियाणा) में कट्टरपंथी मुसलमानों के आक्रमण में ४ हिन्दुओं की मृत्यु !

मृतकों में होम गार्ड के २ जवान भी सम्मिलित हैं !
कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा एके ४७ राइफल का नृशंस प्रयोग ! 

(और अब इनकी सुनिए…) ‘गजमुख के भगवान श्री गणेश केवल एक दंतकथा !’ – ए. एन. शमसीर के विषैले बोल 

भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्ष है । ऐसा होने पर भी संविधान द्वारा प्रदान किए गए एक महत्त्वपूर्ण पद पर रहते हुए शमसीर को हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार किसने दिया ? धर्म-निरपेक्षवादी इस पर कुछ नहीं बोलते, यह ध्यान में लें !