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मंगलुरु (कर्नाटक) – विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने यहां श्री मंगला देवी मंदिर के समीप के सभी हिन्दू व्यापारियों की दुकानों पर भगवा झंडे फहराए हैं । इससे भक्तों को विदित होगा कि ‘कौन सी दुकान हिन्दुओं की है ?’ विहिप के दक्षिण कन्नड जिला अध्यक्ष एच. के. पुरुषोत्तम का कहना है कि जिले के सभी मंदिरों को हिन्दू त्योहारों के समय केवल हिन्दू व्यापारियों को ही मंदिर परिसर में व्यापार करने की अनुमति देनी चाहिए ।
१. पुरुषोत्तम ने आगे कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अहिन्दुओं को दुकानों के लिए स्थान देना उचित नहीं है । हिन्दू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, १९९७ के अनुसार, अन्य समुदाय के लोगों को व्यवसाय करने की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है ।
२. दूसरी ओर, १३ अक्टूबर को दक्षिण कन्नड और उडुपी जिला उत्सव व्यापारी समन्वय समिति ने मुसलमान व्यापारियों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। इसलिए, जिला प्रशासन ने कुछ मुसलमान व्यापारियों को मंदिर परिसर में दुकानें लगाने के लिए नीलामी में सहभागी होने की अनुमति दी ।
‘डी.वाय.एफ.आय.’ नामक मुसलमानों के राजनीतिक दल को उदरशूल !
राजनीतिक पक्ष, ‘डी.वाय.एफ.आय. (डेमोक्रॅटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने विश्व हिन्दू परिषद का विरोध करते हुए कहा है कि विश्व हिन्दू परिषद गरीब हिन्दू और मुसलमान व्यापारियों के बीच शत्रुता निर्माण कर रही है । श्री मंगला देवी मंदिर परिसर में व्यापारियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन को प्रयास करना चाहिए ।
संपादकीय भूमिकाक्या हिन्दुओं को मुस्लिम उरुस या अन्य त्योहारों के समय कभी-कभी दुकान लगाने की अनुमति है ? इस तरह से हिन्दू विरोधी निर्णय लेने के लिए मंगलुरु जिला प्रशासन का धिक्कार है ! |
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