शंखनाद का महत्त्व
महाभारत में प्रत्येक दिन के युद्ध का आरंभ एवं युद्धविराम शंखनाद से होता था । शंखनाद के कारण सेना में उत्साह एवं वीरता का संचार होता था तथा उसी समय शत्रु के मन में भय भी उत्पन्न होता था ।
महाभारत में प्रत्येक दिन के युद्ध का आरंभ एवं युद्धविराम शंखनाद से होता था । शंखनाद के कारण सेना में उत्साह एवं वीरता का संचार होता था तथा उसी समय शत्रु के मन में भय भी उत्पन्न होता था ।
डॉ. आठवलेजी का भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा था, ‘‘ये तो साक्षात भगवान श्रीकृष्ण के चरणों के तथा हाथों के छाप हैं । मेरा परमभाग्य है कि मुझे ये छाप देखने का अवसर मिला । आनेवाले समय में पूरे विश्व में गुरुदेवजी की जयजयकार होती हुई दिखाई देगी तथा उन्हें सर्वत्र पूजा जाएगा ।’’
श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक द्वारा व्यक्त ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के विषय में प्रशंसात्मक उद्गार !
दिल्ली के ‘भारत मंडपम्’ में सनातन संस्था की ओर से १३-१४ दिसंबर को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ आयोजित किया गया है ।
वेद कुलपति श्री. जी.के. सीतारामन्जी ने सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में पवित्र सोमनाथ शिवलिंग के दिव्य अंश लाने का आमंत्रण स्वीकार किया, जिससे श्रद्धालु इस पवित्र धरोहर के साक्षी बन पाएंगे ।
सनातन संस्था का कार्य अद्वितीय है । सनातन संस्था के कार्य की तुलना की जा सके, ऐसा कोई भी उदाहरण नहीं है । सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव तो कलियुग में जितने भी सात्त्विक लोगों का समूह है, उनका समारोह है । जो राजनीतिक व्यक्ति इस कार्यक्रम में नहीं आ पाए, वह उनका दुर्भाग्य है ।
‘उद्योगपतियों का स्वयं का जीवन समृद्ध होगा, उनके व्यवसाय का विस्तार होगा, साथ ही देश के सर्वांगीण विकास में भी उनका योगदान रहेगा; इसका मैंने स्वयं अनुभव किया है । इसलिए इसी अनुभव पर आधारित लेखमाला का आरंभ कर रहा हूं ।
यहां १३ एवं १४ दिसंबर को होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’के प्रचार हेतु सामाजिक माध्यमों पर विभिन्न वीडियोज प्रसारित किए जा रहे हैं । इन वीडियोज् को बडी संख्या में ‘लाईक्स’ (पसंद) मिल रहे हैं तथा अनेक धर्मप्रेमी उस पर विशेषतापूर्ण प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं ।
‘सनातन धर्म के सिद्धांत एवं राष्ट्रनिर्माण में उसका योगदान’, इस पर आधारित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का बहुत शीघ्र ही देहली में आयोजन हो रहा है, उसमें राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारप्राप्त युवा चित्रपट निर्माता ओम भारद्वाज ने इस महोत्सव में सहभागी होने का विशेष अनुरोध किया है ।
देहली में गूंजेगा सनातन राष्ट्र का शंखनाद !
रांची में पत्रकार वार्ता