‘खालिस्तान के हमारे लक्ष्य को वर्जित रुप में न देखें !’ – खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह
खालिस्तानवादी अब खुले रूप से उनके बंटवारे के लक्ष्य को जनसमर्थन पाने का प्रयास कर रहे हैं, यही इससे स्पष्ट होता है ! क्या सरकार अब खालिस्तानी आंदोलन को कुचलेगी ?
खालिस्तानवादी अब खुले रूप से उनके बंटवारे के लक्ष्य को जनसमर्थन पाने का प्रयास कर रहे हैं, यही इससे स्पष्ट होता है ! क्या सरकार अब खालिस्तानी आंदोलन को कुचलेगी ?
इससे यही दिखाई देता है कि, ‘पंजाब में खालिस्तानी समर्थकों की सक्रीयता कैसे बढ रही है ?’ तो भी राज्य तथा केंद्र सरकार इसके प्रति गंभीर हैै ऐसा नहीं लगता, ऐसा चित्र है । अब यहां प्रश्न निर्माण होता है कि, ‘पिछला इतिहास देखते हुए कोई बडी घटना होने के उपरांत ही सरकार जागेगी क्या ?’
पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा प्रांत के तोरखम में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकवादी संगठन और पुलिस में मुठभेड हुई । टीटीपी ने पिछले एक महीने में पुलिस पर ३ बडे आक्रमण किए ।
दिन में गोहत्या हो रही हो तथा पुलिस को इसकी जानकारी भी न हो, ऐसी पुलिस की क्या उपयोगिता ?
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनादर !
इस घटना से यही स्पष्ट होता है कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार होने से वह हिन्दुओं के विरुद्ध पराक्रम दिखा कर मुसलमानों के मत प्राप्त करने का प्रयास कर रही है !
मृतक के परिजनों ने पुलिस और बजरंग दल पर आरोप लगाया है !
इससे स्पष्ट होता है कि हिन्दुओं के वास्तविक शत्रु कौन हैं तथा हिन्दुओं को कितना सतर्क रहना चाहिए !
ऐसे प्रकरण में यदि हिन्दू को बंदी बनाया गया होता, तो यह अंतरराष्ट्रीय समाचार बन जाता !
ईशनिंदा प्रकरण के आरोपी वारिस ईसा से प्रतिशोध लेने के लिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की हिंसक भीड ने ११ फरवरी को पुलिस थाने पर आक्रमण किया । इसके उपरांत इस भीड ने आरोपी को निर्वस्त्र कर अमानवीय तरीके से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी ।