Delhi Congress Protest : प्रधानमंत्री मोदी के आवास के सामने कांग्रेस का आंदोलन ।

राहुल गांधी एवं प्रियांका वाड्रा ने आंदोलन में लिया सहभाग ।

कांग्रेस का आंदोलन

नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के त्यागपत्र की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के पास धरना आंदोलन किया । इस समय लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की सांसद प्रियांका वाड्रा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिलकार्जुन खर्गे सहित कांग्रेस के अन्य नेता उपस्थित थे । इसमें विशेष बात यह कि यह परिसर सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील होने से वहां आंदोलन की अनुमति नहीं दी जाती । इसलिए कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस वहां आई, परंतु कांग्रेस कार्यकर्ता वही रूके रहे । कांग्रेस ने बिना किसी को जानकारी देते हुए अत्यंत गुप्त पद्धति से इस आंदोलन की तैयारी की थी । अकस्मात ही किए गए इस आंदोलन पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नीसहित अनेक नेताओं को अपने अधिकार (हिरासत) में लिया, परंतु तब भी वहां आंदोलन जारी था ।

जंतरमंतर पर ‘कॉकरोच जनता दल’ का आंदोलन चल रहा है ।

जंतरमंतर पर २१ जुलाई को ३२ वें दिन भी आंदोलन किया गया । दोपहर १२ बजे तक सहस्रों आंदोलनकारी आंदोलनस्थल पर पहुंचे थे । सवेरे सुरक्षा देने के लिए जब पुलिस आई, तब आंदोलनकारियों ने ‘दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद’के नारे लगाए । पुलिस ने २० जुलाई की सायंकाल को आंदोलनकारियों को जंतरमंतर से हटाया था, परंतु देररात वे पुनः एकत्रित हुए ।

‘कॉकरोच जनता दल’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आज हम संसद पर मोर्चा नहीं निकालेंगे, क्योंकि इस सरकार ने एवं पुलिस ने छात्रों का रक्त बहाया है । उन्हें छात्रों की चिंता नहीं है, परंतु हमें है । (क्या इन छात्रों को पुलिसकर्मियों की तथा सरकारी संपत्ति की चिंता है ?’, इसका उत्तर अभिजित दीपके क्यों नहीं देते ? – संपादक)

सोनम वांगचुक को अन्य चिकित्सालय में स्थानांतरित करने का न्यायालय का आदेश ।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग चिकित्सालय से मेदांता चिकित्सालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया । न्यायालय ने कहा कि उनके उपचार के लिए मेदांता चिकित्सालय के डॉक्टरों का पेनल तैयार करेगा । वांगचुक की पत्नी गीतांजली आंगमो द्वारा प्रविष्ट याचिका पर न्यायालय ने यह आदेश दिया । वांगचुक पिछले २४ दिन से अनशन कर रहे हैं । २० जुलाई को उन्होंने कहा था कि पुलिस की क्रूरता देखने के उपरांत मैं मेरा अनशन चालू रखूंगा । (आंदोलनकारियों द्वारा की गई हिंसा में ११५ से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, साथ ही पुलिस के तथा निजी वाहनों में तोडफोड की गई । क्या यह क्रूरता नहीं है ? क्या वांगचुक को यह गांधीगिरी लगती है ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

प्रधानमंत्री आवास एक अत्यंत संवेदनशील स्थान होता है, इसलिए वहां कोई भी आंदोलन नहीं किया जा सकता, यह ज्ञात होते हुए भी कांग्रेसवालों ने आंदोलन कर वे संविधानविरोधी हैं, यह दिखा दिया है ।