जंजीरा दुर्ग पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराया जाए, अन्यथा तीव्र आंदोलन करेंगे – ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ की चेतावनी

जंजीरा दुर्ग पर स्थानीय धर्मांध मुसलमानों द्वारा ध्वज फहराने का विरोध किया जाता है ।

पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ के पदाधिकारी

पिंपरी (जिला पुणे) – ऐतिहासिक जंजीरा दुर्ग पर स्थानीय धर्मांध मुसलमानों ने भगवा ध्वज फहराने का विरोध किया था । इस पृष्ठभूमि में सरकार अगले ३ महीनों के भीतर सम्मानपूर्वक स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराए, अन्यथा भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) के कार्यालय के समक्ष पुनः तीव्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ के संस्थापक डॉ. श्रमिक गोजमगुंडे ने पिंपरी में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी । उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्ग पर भगवा ध्वज की स्थायी सुरक्षा और देखरेख का संपूर्ण दायित्व प्रतिष्ठान उठाने के लिए तैयार है । पत्रकार वार्ता में प्रतिष्ठान के राज्य संपर्क प्रमुख गौरव शेवाले, गणेश राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे । पत्रकार वार्ता में बताया गया कि वर्ष २०१६ में जंजीरा दुर्ग पर स्थानीय धर्मांध मुसलमानों ने ध्वज फहराने का बडा विरोध किया था, तथा अन्य अवसरों पर भी ऐसा विरोध होता रहा है ।

दुर्ग पर घोषणाएं करने तथा भगवा ध्वज फहराने का हमेशा विरोध 

महाराष्ट्र राज्य संपर्क प्रमुख श्री गौरव शेवाले ने ‘सनातन प्रभात’ को इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि जंजीरा दुर्ग तक मुरूड से नौका द्वारा जाना पडता है । नौका चालक तथा गाइड (मार्गदर्शक) स्थानीय मुसलमान हैं । इस दुर्ग पर घोषणाएं करने तथा भगवा ध्वज फहराने के लिए शिवप्रेमियों का ये मुसलमान विरोध करते हैं । यह दुर्ग वास्तव में पुरातत्त्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में है । हमारी मांग है कि इस दुर्ग पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज लगाया जाए । इसके लिए हमने ९ जुलाई को आंदोलन भी किया है । वर्तमान में वर्षा ऋतु के कारण ३ महीनों तक दुर्ग पर जाना संभव नहीं है, तब तक हम जनजागरण करेंगे ।

‘यह मुसलमानों का दुर्ग है’, ऐसा कहकर धर्मांधों का विरोध ।

प्रतिष्ठान के पुणे जिला अध्यक्ष कुणाल साठे ने बताया कि वर्ष २०१६ में प्रतिष्ठान की ओर से ३०० दुर्गों पर एक साथ भगवा ध्वज फहराने का अभियान चलाया गया था । उस समय अन्य दुर्गों पर एक साथ भगवा ध्वज फहराया गया, किंतु जंजीरा दुर्ग पर स्थानीय धर्मांधों ने इसका विरोध किया । कुछ शिवप्रेमियों को ‘यह मुसलमानों का दुर्ग है’, ऐसा कहकर ध्वज फहराने तथा घोषणाएं करने से रोका गया था । इसका एक विवादास्पद वीडियो भी सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुआ था । इसके बाद हमारी संस्था की ओर से पत्राचार किया जा रहा है । यदि अगले ३ महीनों में सरकार ने सम्मानपूर्वक जंजीरा दुर्ग पर भगवा ध्वज नहीं लगाया, तो संस्था की ओर से हजारों दुर्गप्रेमी एकत्र होकर वहां भगवा ध्वज फहराएंगे । इसके लिए ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ के अध्यक्ष तथा भाजपा विधायक संजय केलकर के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिलों में जनजागरण किया जा रहा है ।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री के समक्ष किया जा रहा है अनुसरण ।

जंजीरा दुर्ग पर शासकीय नियमों के अनुसार भगवा ध्वज फहराने की अनुमति प्राप्त हो, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के माध्यम से केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत के समक्ष अनुसरण किया जा रहा है । इस मांग को लेकर प्रतिष्ठान ने मुंबई के सायन स्थित पुरातत्त्व विभाग के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन भी किया था ।

पद्मदुर्ग में जेट्टी निर्माण की मांग ।

जंजीरा दुर्ग की भांति ऐतिहासिक पद्मदुर्ग में भी पर्यटन और यातायात को बढावा देने के लिए सरकार तत्काल जेट्टी (नौका घाट) का निर्माण करे, ऐसी मांग मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे से की गई है, ऐसी जानकारी डॉ. गोजमगुंडे ने दी ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी चेतावनी क्यों देनी पड रही है ? क्या पुलिस सो रही है ?