तत्कालीन समाजवादी एवं कांग्रेस सरकारों ने कब्रिस्तान की दीवारों पर पैसा खर्च करने को ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ माना ! – Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ द्वारा आलोचना !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) — राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया, “समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस, दोनों दलों की तत्कालीन सरकारों ने मंदिरों एवं विकास कार्यों की अनदेखी की । उन्होंने सरकारी पैसे को कब्रिस्तान की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) पर व्यय करने को ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ माना, जबकि हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों से जुडी परियोजनाओं को ‘कट्टरता’ या ‘धर्मांधता’ माना ।” बाराबंकी में ५४२ करोड रुपये की ८२ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन ए एवं शिलान्यास करने के उपरांत एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने यह रोष व्यक्त किया ।

उन्होंने आगे कहा :

१. कब्रिस्तानों के लिए सुरक्षा दीवारें बनवाना धर्मनिरपेक्षता का मापदंड बन गया था । बाराबंकी के महादेव मंदिर, अयोध्या के श्रीराम मंदिर एवं काशी विश्वनाथ मंदिर से जुडी परियोजनाओं को समर्थन देना अस्वीकार कर दिया गया था; क्योंकि ऐसा करने को ‘कट्टरता’ माना जाता था ।

२. भारत का भविष्य सनातन धर्म के संरक्षण से अटूट रूप से जुडा हुआ है । हमारा उज्ज्वल भविष्य सनातन की दृढ नींव पर टिका है । यदि सनातन धर्म सुरक्षित है, तो हम सभी सुरक्षित हैं । यदि सनातन को संकट उत्पन्न हुआ, तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा ।

३. राज्य में पहले अपराधी देसी तमंचों के बल पर व्यापारियों में भय उत्पन्न करते थे । अब लक्ष्मणपुरी में अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण हो रहा है ।

धर्मनिरपेक्षता के विकृत स्वरूप को जड से उखाड फेंकें ! – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पिछली सरकारों ने कांवड यात्रा, रामनवमी के जुलूस, जन्माष्टमी के उत्सव एवं दुर्गा पूजा के मंडपों पर प्रतिबंध लगाने को धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक माना । यदि भारत को सुरक्षित रखना है, तो धर्मनिरपेक्षता के इस विकृत स्वरूप को जड से उखाड फेंकना होगा ।”