परिजनों के आन्दोलन के पश्चात पुलिस ने प्रकरण प्रविष्ट किया ।

अमरोहा (उत्तरप्रदेश) – अमरोहा जिले के ‘साई जीवनदान’ अस्पताल का संचालन करने वाले एक मुसलमान ने नाम बदलकर एक हिन्दू परिचारिका का धर्मान्तरण कर उससे विवाह करने का आरोप लगाते हुए पीडिता के परिवारजनों ने अस्पताल के बाहर धरना-आन्दोलन किया । इसके पश्चात पुलिस ने आरोपी संचालक के विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया । पीडिता युवती इस अस्पताल में कार्यरत थी तथा उसका विवाह निश्चित हो चुका था । विवाह की जानकारी मिलते ही आरोपी संचालक ने पहले वरपक्ष के लोगों को भडकाया तथा उसके बाद युवती को अपने साथ लेकर भाग गया । पुलिस अब उस युवती को ढूंढ रही है ।
Amroha, Uttar Pradesh: Police have registered a case after the family of a Hindu nurse staged a protest with VHP and Bajrang Dal alleging that a hospital operating as 'Sai Jivandan' was being run by a Muslim man under a changed identity and that the nurse was pressured to… pic.twitter.com/87MXH6zukt
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 21, 2026
‘तुम्हें भी कलमा (अल्लाह की महिमा का वर्णन करने वाले वचन) सिखाकर मुसलमान बना देंगे ’ – अस्पताल के कर्मचारी की धमकी।
मुसलमान ने नाम बदलकर ‘साई जीवनदान’ अस्पताल चलाया था । जब पीडिता युवती के माता-पिता अपनी पुत्री की जानकारी लेने वहां पहुंचे, तब अस्पताल के कर्मचारियों ने युवती के पिता को धमकी दी तथा उनके साथ गाली-गलौज की, ऐसा आरोप परिजनों ने लगाया है । ‘यहां से चले जाओ, अन्यथा तुम्हें भी यहीं कलमा सिखाकर मुसलमान बना देंगे’, ऐसा उन्होंने कहा । (ऐसे अस्पताल पर ताला लगाकर उसके कर्मचारियों को कारागार में डाल देना चाहिए – सम्पादक) परिजनों ने अस्पताल पर ‘लव ट्रैप’ (प्रेमजाल में फंसाना) तथा गोहत्या का अड्डा होने का भी आरोप लगाया है ।
Stray Dogs Attack : आवारा कुत्ते के आक्रमण में घायल हुई बच्ची को १ लाख रुपये का अनुदान (मुआवजा) देने का आदेश
जंजीरा दुर्ग पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराया जाए, अन्यथा तीव्र आंदोलन करेंगे – ‘सह्याद्री प्रतिष्ठान हिंदुस्थान’ की चेतावनी
तत्कालीन समाजवादी एवं कांग्रेस सरकारों ने कब्रिस्तान की दीवारों पर पैसा खर्च करने को ही ‘धर्मनिरपेक्षता’ माना ! – Yogi Adityanath
Allahabad HC : बुलडोजर कार्यवाही के संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का विभाजित निर्णय !
Pakistan Supreme Court : १२ वर्ष उपरांत पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों को मुक्त किया गया !
Chargesheet Against ‘Al Halimi Foundation’ : ‘अल् हलिमी फाउंडेशन’ के विरुद्ध १४ सहस्र पन्नों का आरोप-पत्र प्रविष्ट !