कराची में चीनी नागरिकों पर हुए आक्रमण की जांच चीन स्वयं करेगा !
इससे प्रमाणित होता है कि चीन को पाकिस्तान पर कोई विश्वास नहीं है !
इससे प्रमाणित होता है कि चीन को पाकिस्तान पर कोई विश्वास नहीं है !
पाक के ‘द फ्रायडे टाइम्स’ इस साप्ताहिक ने दिए वृत्त में कहा है कि अराजकता की स्थिति निर्माण होने पर आने वाले कुछ दिनों में पाक में ६ माह अथवा उससे कम समय के लिए ‘मार्शल लॉ’ (सेना का शासन) लागू होने की संभावना है ।
इस प्रकार से शस्त्रों का जखीरा नियंत्रण में लेने की अपेक्षा ‘सौ सुनार की, एक लुहार की’, इस तत्त्व के अनुसार आगे जाकर एक ही वार में जिहादी आतंकवाद का संरक्षण पाकिस्तान को नष्ट कर देना अधिक उचित है, इसे राजकर्ता कब ध्यान लेंगे ?
इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करनेवालों पर सरकार को देशद्रोह का अपराध पंजीकृत कर उन्हें कारागार में डाल देना चाहिए !
इस विषय में स्वयं उनकी पत्नी जावेरिया सिद्दीकी ने यह जानकारी दी है ।
रशिया की वृत्तसंस्था ‘स्पुटनिक’ ने शंघाय सहकार्य संगठन का मानचित्र जारी किया है । जिसमें उसने पाकव्याप्त कश्मीर, अक्साई चीन सहित संपूर्ण अरुणाचल प्रदेश को भारत का अविभाज्य भाग दिखाया है ।
‘एफ.ए.टी.एफ.’ को (फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स) हमें ‘ग्रे’ (संशयात्मक) सूची से बाहर निकाले’, पाकिस्तान की इस मांग को स्वीकार नहीं करना चाहिए, कनाडा के पाकिस्तानी मूल के निवासी वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रसिद्ध लेखक तारेक फतह ने ऐसी मांग की है
जिहादी आतंकवाद के संरक्षक पाकिस्तान को ४ वर्षाें से ‘एफ.ए.टी.एफ’ नेताओं की ब्लैकलिस्ट सूची से बाहर निकाल दिया गया है । पाकिस्तान ने इस निर्णय पर आनंद व्यक्त किया है तथा आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति स्थायी रूप से अपनाने की भूमिका प्रस्तुत की है । यद्यपि ऐसा है, तब भी अनेक तज्ञों के मतानुसार आतंकवाद पाकिस्तान सरकार के अधिकृत नीति का ही एक भाग है ।
भारतीय क्रिकेट नियामक मंडल का अभिनंदनीय निर्णय ! भारत को पाकिस्तान का राजनैतिक बहिष्कार करने की आवश्यकता है । उससे किसी भी प्रकार के संबंध रखने की आवश्यकता नहीं है !
पाकिस्तान जिहादी आतंकवाद का निर्माता होते हुए भी उस पर विश्वास करना आत्मघात है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व को जिहादी आतंकवाद के विषय में अपनी भूमिका स्पष्ट करने का आवाहन किया है, ऐसे में अमेरिका की इस प्रकार की दिशाहीन नीति पर भारत को उससे स्पष्टीकरण मांगना आवश्यक !