Rajasthan Education Minister : अकबर बलात्कारी था तथा औरंगजेब ने सैकडों मंदिर तोडे !
ऐसा यथार्थ इतिहास कितने शिक्षा मंत्री इस देश में बताते हैं ? यह इतिहास शालेय पुस्तकोें के माध्यम से कब पढाया जाएगा ?
ऐसा यथार्थ इतिहास कितने शिक्षा मंत्री इस देश में बताते हैं ? यह इतिहास शालेय पुस्तकोें के माध्यम से कब पढाया जाएगा ?
यहां ६८ तीर्थ स्थलों में से ५४ और १९ कुओं का शोध हो चुका है । इन्हें कई वर्षों तक जानबूझकर छुपाया गया । हमें वह मिलना चाहिए जो हमारा है । इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं – योगी आदित्यनाथ
‘छावा’ फिल्म देखनेवाले हिन्दुओं को केवल फिल्म की प्रशंसा कर शांत रहने की अपेक्षा संगठित होकर औरंगजेब का समर्थन करनेवाले अबू आजमी का लोकतांत्रिक पद्धति से विरोध कर छत्रपति संभाजी महाराज की भांति धर्मकर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए !
रोहित पवार ने क्या कभी अन्य पंथियों की धार्मिक पुस्तकों में समाहित लेखन पढा है ? काफिरों को किस प्रकार मारना चाहिए ?, यह उनकी सीख क्या रोहित पवार जानते हैं ? हिन्दुओं पर जजिया कर लगानेवाला औरंगजेब क्या कभी हिन्दुओं की मनुस्मृति सुनेगा ? जो बात विद्यालय के छात्र को भी समझ में आएगी, इतना भी समझ में न आनेवाले, विधायक हैं !
इसके साथ ही दिल्ली का नामकरण ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए हिन्दू जनता को मांग उठाकर उसे पूरा होने तक डटे रहना चाहिए !
भारत को स्वतंत्रता मिले ७७ वर्ष बीत जाने पर भी मुगलों की गुलामी के नाम अभीतक न बदला जाना, हिन्दुओं तथा उनके द्वारा चुनी गई सर्वदलीय सरकारों के लिए लज्जाजनक !
इतिहास बताता है कि भारत में कई स्थानों पर मुसलमानों ने हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त कर वहां मस्जिदें अथवा दरगाहें बनाईं । इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को सभी जगहों का सर्वेक्षण कराकर वास्तविकता सामने लानी चाहिए, अन्यथा ऐसी मांगें होती रहेंगी !
छत्रपति संभाजीनगर के खुलताबाद में उसकी मजार है । विश्व में कहीं भी क्रूरकर्मियों की मजारों का संरक्षण करने का चलन नहीं है । विशालगढ पर स्थित वीर बाजीप्रभु की समाधि तक पहुंचने के लिए ठीक से सडक भी नहीं है ।
फिल्म की कथा कै. शिवाजी सावंत के उपन्यास ‘छावा’ से ली गई है; उपन्यास में से विशिष्ट घटनाओं का चयन अद्भुत रहा है । ऋषि विरमानी और इरशाद कामिल द्वारा लिखे गए संवाद क्षात्रवृत्ति को बढाने वाले और तीक्ष्ण हैं ।
वक्फ की संपत्ति में देश के २८० विरासत स्मारक अंतर्भूत